चैंपियंस ट्राफी के इस साल स्थगित होने और हालिया श्रीलंका दौरे में टेस्ट शृंखला में भारतीय क्रिकेट टीम के लचर प्रदर्शन के बावजूद खेल चैनल नियो स्पोट्र्स को क्रिकेट से अच्छी कमाई होने का भरोसा है।
उसने आगामी क्रिकेट शृंखलाओं पर टकटकी लगा दी है, जिनसे उसे तगड़ा विज्ञापन राजस्व मिलने की उम्मीद है। नियो स्पोट्र्स को यकीन है कि ऑस्ट्रेलिया और इंगलैंड के साथ आने वाले महीनों में जो मुकाबले होने हैं, उनमें विज्ञापन से उसे लगभग 300 करोड़ रुपये की कमाई हो जाएगी।
चैनल के विज्ञापन राजस्व कार्यकारी उप प्रमुख सुनील मनोचा ने कहा कि त्योहारों यानी छुट्टी का मौसम होने और एकदिवसीय शृंखला में टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहतर होने से उन्हें उम्मीद है कि आने वाली शृंखलाओं में दर्शक जुटेंगे। इनके जरिये कंपनी 270 से 300 करोड़ रुपये तक की रकम कमाने की फिराक में है।
नियो स्पोट्र्स इसके लिए रिटेल, ब्रेवरेज, डीटीएच, बैंकिंग, बीमा और ऑटोमोबाइल कंपनियों के बीच से प्रायोजक जुटाने की कोशिश कर रहा है। इस फेहरिस्त में होंडा और पर्फेटी जैसी नामचीन कंपनियां भी शामिल हैं। मीडिया खरीदारों के मुताबिक नियो विज्ञापनदाताओं से 70 से 80 हजार रुपये प्रति दस सेकंड की दर से रकम वसूल रहा है। यह कीमत टेस्ट मैचों के लिए है।
एकदिवसीय मैचों के लिए चैनल दस सेकंड के विज्ञापन के एवज में 1.75 से 2 लाख रुपये तक वसूलने की योजना बना रहा है। गौरतलब है कि नौ अक्टूबर से भारत और आस्ट्रेलिया के बीच मैचों की शृंखला शुरू होनी है। आस्टे्रलिया के साथ चार टैस्ट मैच खेले जाएंगे और इंगलैंड के साथ दो टेस्ट तथा सात एकदिवसीय मैच खेले जाएंगे।
हालांकि कुछ मीडिया विश्लेषक यह भी मानते हैं कि 300 करोड़ रुपये कमाने का नियो स्पोट्र्स का सपना शायद ही साकार हो सके। उनके मुताबिक चैनल 200 से 250 करोड़ रुपये तक का राजस्व ही हासिल कर पाएगा।
उनका यह भी कहना है कि विज्ञापनदाताओं के पास अब कई दूसरे विकल्प भी आ गए हैं, जिनसे नियो स्पोट्र्स को परेशानी हो सकती है। कलर्स, 9 एक्स जैसे चैनलों की मिसाल देते हुए इन विश्लेषकों का कहना है कि मनोरंजन के कार्यक्रम दोबारा लोकप्रिय हो रहे हैं और क्रिकेट को इनसे कड़ा मुकाबला मिल रहा है।