‘वॉटर प्योरिफायर’ के बाजार में छिड़ गई नई जंग

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 3:42 PM IST

दैनिक उपभोक्ता सामान (एफएमसीजी) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हिन्दुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) वाटर प्योरिफायर बाजार में यूरेका फोर्ब्स से नई प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।


कंपनी ने प्योरइट नामक अपने ब्रांड की मार्केटिंग शुरू कर दी है। वहीं यूरेका ने भी अपने वाटर प्योरिफायर ब्रांड एक्वाश्योर की पूरे देश में मार्केटिंग शुरू की है। दोनों कंपनियां आबादी के उस बड़े वर्ग पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं जिसने बिजली के अभाव और पानी की अबाध आपूर्ति के कारण अभी तक वाटर प्योरिफायर का इस्तेमाल नहीं किया है।

भारत में 22 करोड़ परिवारों में से महज 80 लाख परिवार वाटर प्योरिफायर का इस्तेमाल करते हैं। एचयूएल ने अपने संचालन के शुरुआती तीन सालों में 10 लाख वाटर प्योरिफायर की बिक्री कर चुकी है। इस बाजार में शामिल हुई कुछ नई कंपनियों में एचयूएल, कंज्यूमर डयूरेबल्स कंपनी फिलिप्स और केंट शामिल हैं।

फिलिप्स ने 8500 रुपये की कीमत पर अपने वाटर प्योरिफायरों को लॉन्च किया। इस उद्योग के जानकारों के मुताबिक फिलिप्स को कम कीमत वाले प्योरिफायरों के बाजार में अपने उत्पाद के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। 2005 में प्यूरइट ब्रांड को भारतीय बाजार में उतारने वाली एचयूएल अब कम आय वर्ग को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

एचयूएल के मुख्य कार्यकारी नितिन परांजपे ने कहा, ‘हालांकि यह समय मंदी का है, लेकिन हम अपने वाटर प्योरिफायर व्यवसाय में निवेश जारी रखेंगे। हम अपने व्यवसाय को लाभप्रद बनाए रखना चाहते हैं।’ जहां एचयूएल के प्यूरइट ब्रांड की कीमत 1800 रुपये है वहीं यूरेका फोर्ब्स का एक्वाश्योर 1600 रुपये में उपलब्ध है। दोनों कंपनियों ने पहले दक्षिण भारतीय राज्यों में इन्हें परीक्षण के तौर पर पेश किया था। जहां एचयूएल टेलीविजन अभियान के जरिये यह बता रहा है कि प्यूरइट किस तरह से गर्म पानी के झंझट से मुक्ति दिलाता है। वहीं यूरेका ने अपने ब्रांड के प्रचार के लिए छोटे पर्दे की सेलेब्रिटी स्मृति ईरानी की मदद ली है।

अपने ब्रांड को देशभर में लॉन्च करने के लिए एचयूएल ने एक विशेष वितरण प्रणाली तैयार की है। इस प्रणाली में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो ग्राहक के घर जाकर इसे फिट करेंगे और इसके इस्तेमाल के बारे में उन्हें बताएंगे। कंपनी इस साल के अंत में अपने कामकाज की समीक्षा करेगी। 20 वर्षों से देश में सक्रिय यूरेका फोर्ब्स इस कारोबार में अपने गहन अनुभव का लाभ उठाने से नहीं चूक रही है। यूरेका फोर्ब्स के एक्वाश्योर में रेजिन आधारित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके लिए बिजली की जरूरत नहीं होती है।

First Published : August 7, 2008 | 12:04 AM IST