अगले साल आपकी सैलरी में होगा डबल डिजिट ग्रोथ!

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 2:55 PM IST

ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विस फर्म एऑन पीएलसी (Aon plc) ने अपने सर्वे में पाया है कि देश में कंपनियां साल 2023 में कर्मचारियों के वेतन में औसतन 10.4 फीसदी की वृद्धि कर सकती हैं। वेतन में इतनी वृद्धि इससे पहले 2015 में देखी गई थी। कोरोना महामारी के बाद कारोबार में बेहतर ग्रोथ को देखते हुए एजेंसी ने इस तरह का अनुमान जताया है।
इस सर्वे में 2023 के लिए सभी क्षेत्रों में 10.4 फीसदी औसत वेतन बढ़ोतरी की ही बात नहीं कही गई, बल्कि एजेंसी के मुताबिक 2022 में वेतन में वास्तविक बढोतरी 10.6 फीसदी रही जो एजेंसी के फरवरी के 9.9 फीसदी अनुमान से कहीं ज्यादा है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो 2012 के बाद यह सबसे अधिक वेतन वृद्धि है।
सर्वे के अनुसार लगभग आधी कंपनियां (46 फीसदी) 2023 में डबल डिजिट में इंक्रीमेंट देगी। 76 फीसदी कंपनियां 2023 तक अपने बिजनेस में अच्छा सुधार देख रही हैं।
 भारत में Aon plc के ह्यूमन कैपिटल सोल्यूशन्स पार्टनर रूपनाक चौधरी के अनुसार कुछ सेक्टर महामारी पूर्व के स्तर की तरह डबल डिजिट में वेतन वृद्धि करेगी। हालांकि सभी क्षेत्र वैश्विक रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए है इसलिए सभी वेतन वृद्धि को लेकर सकारात्मक रुख अपनाएंगे। वहीं जिन कंपनियों का कारोबार घरेलू बाजार और मांग पर आधारित है उनके यहां 2023 में और अधिक वेतन वृद्धि देखी जा सकती है।
 इसी सर्वे के अनुसार भारत में कंपनियां 2023 में विश्व की अन्य बड़ी इकोनॉमी  की तुलना में अधिक वेतन वृद्धि करेंगी । इस सर्वे के अनुसार अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, जापान, जर्मनी, ब्राजील में भारत से कम वेतन वृद्धि होगी।
 उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक मंदी और बढ़ती घरेलू मुद्रास्फीति के बीच भारत में दोहरे अंकों में वेतन वृद्धि  का अनुमान लगाया गया है। यह भारत में कंपनियों के  अच्छे प्रदर्शन को  दिखाता है। हालांकि उद्यमियों को अपने कार्यबल की लागत को देखते हुए इस पर निर्णय लेना चाहिए। उनको एक ऐसे दौर में जहां नौकरी छोड़ने की दर अधिक है अपनी बढ़ती लागत और वेतन वृद्धि  में संतुलन रखना चाहिए।
 इस सर्वे में कहा गया है कि 5 सेक्टर में सबसे अधिक वेतन वृद्धि  देखने को मिलेगी। इनमें टेक्नोलाजी, ई-कॉमर्स, स्टार्टअप, आईटी, और  वित्तीय संस्थान शामिल है।
 हालांकि पिछले दो दशकों में सबसे अधिक नौकरी छोड़ने की दर देखी जा रही हैं। 2022  की पहली छमाही में यह दर 20.3 फीसदी थी। जो 2021 के 21 फीसदी से थोड़ी ही कम है। नौकरी छोड़ने की यह दर वेतन वृद्धि पर दबाव डालती है।
 आगे  भी नौकरी छोडने की दर में 2022 के 15.7 फीसदी की बजाय 2023 में 17.5 फीसदी रहने का अनुमान है।
Aon plc ने यह सर्वे 1300 कंपनियों और 40 सेक्टरों के बीच किया हैं। 

First Published : September 26, 2022 | 8:22 PM IST