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Norway सॉवरेन वेल्थ फंड ने APSEZ को निवेश सूची से किया बाहर

नॉर्वे के फंड की नैतिकता परिषद ने एपीसेज के मई 2023 के खुलासे को स्वीकार किया कि उसने म्यांमार में अपने बंदरगाह संबंधी परिचालन को सोलर एनर्जी लिमिटेड को बेच दिया था।

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भाषा   
Last Updated- May 18, 2024 | 2:14 PM IST

नॉर्वे के केंद्रीय बैंक ने नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए अपने सरकारी पेंशन फंड से अडाणी समूह की बंदरगाह कंपनी एपीएसईजेड को बाहर कर दिया है।

एपीएसईजेड 15वीं भारतीय कंपनी है, जिस पर नॉर्वे के केंद्रीय बैंक ने इस तरह की कार्यवाही की है। ओएनजीसी, गेल, एनटीपीसी और वेदांत जैसी कंपनियों को इस तरह की कार्यवाही का सामना करना पड़ा है।

नॉर्वे का नॉर्जेस बैंक सॉवरेन वेल्थ फंड का प्रबंधन करता है। उसने 15 मई को कहा, ”अस्वीकार्य जोखिम के कारण अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन को बाहर करने का फैसला किया है, क्योंकि कंपनी युद्ध या संघर्ष की स्थितियों में व्यक्तियों के अधिकारों के गंभीर उल्लंघन में शामिल है।” एपीएसईजेड मार्च 2022 से निवेश रोकने के लिए नार्वे के केंद्रीय बैंक की निगरानी सूची में था।

कंपनी को म्यांमार में सशस्त्र बलों के साथ अपने व्यापारिक जुड़ाव के कारण कार्रवाई का सामना करना पड़ा। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि अदाणी समूह की कंपनी ने पिछले साल मई में म्यांमार की पूरी संपत्ति बेच दी थी।

नॉर्वे के फंड की नैतिकता परिषद ने एपीसेज के मई 2023 के खुलासे को स्वीकार किया कि उसने म्यांमार में अपने बंदरगाह संबंधी परिचालन को सोलर एनर्जी लिमिटेड को बेच दिया था, लेकिन कहा कि ”खरीदार के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, और एपीसेज ने कहा है कि वह गोपनीयता के आधार पर ऐसी कोई भी जानकारी साझा नहीं कर सकता है।”

First Published : May 18, 2024 | 2:14 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)