ओएनजीसी में हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है नॉर्वे की कंपनी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 6:44 PM IST

नॉर्वे की स्टेटऑयल हाइड्रो कृष्णा-गोदावरी (केजी) बेसिन में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) द्वारा खोजे गए गैस ब्लॉक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा कर 30 फीसदी करना चाहती है। लेकिन ओएनजीसी उसे सिर्फ 22 फीसदी हिस्सेदारी देने को इच्छुक है।


कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि नार्वे की कंपनी की केजी (डीडब्ल्यूएन) 982 ब्लॉक में 10 फीसदी हिस्सेदारी है और उसे गैस का उत्पादन शुरू होने से पहले अपनी हिस्सेदारी को दोगुना करने का अधिकार है, लेकिन अब यह ब्लॉक में ज्यादा हिस्सेदारी और परिचालन में भागीदार निभाने की इच्छुक है।

ओएनजीसी को गहरे पानी में उत्पादन प्रौद्योगिकी की जरूरत है और वह ब्लॉक के परिचालन में संयुक्त भागीदारी निभाने के लिए सहमत हो सकती है लेकिन कंपनी स्टेटऑयल हाइड्रो को 30 फीसदी हिस्सेदारी देने को इच्छुक नहीं है।

स्टेटऑयल हाइड्रो के अलावा ब्राजील के पेट्रोब्रास की इस ब्लॉक में 15 फीसदी हिस्सेदारी है जो रिलायंस इंडस्ट्रीज के डी6 के ठीक बराबर में है ,केयर्न इंडिया की इसमें 10 फीसदी हिस्सेदारी  है। पेट्रोब्रास के पास अपनी हिस्सेदारी को दोगुना कर 30 फीसदी करने का अधिकार है।

उनके मुताबिक स्टेटऑयल हाइड्रो को 30 फीसदी हिस्सेदारी दिए जाने की स्थिति में पेट्रोब्रास भी अपनी हिस्सेदारी दोगुनी करेगी। इससे ओएनजीसी के पास सिर्फ 30 फीसदी हिस्सेदारी रह जाएगी जिससे वह नॉर्वे और ब्राजीलियाई कंपनी के बराबर आ जाएगी और सरकारी कंपनी ऐसा नहीं चाहती है।

कंपनी केजी (डीडब्ल्यूएन) 982 और पास के गैस ब्लॉक में  22,700 करोड़ रुपये के निवेश पर विचार कर रही है ताकि 2013 तक 25 एमएएमएससीएमडी गैस का उत्पादन किया जा सके। सूत्रों ने कहा ओएनजीसी ने तेल नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय  को इस ब्लॉक से संबंधित योजना सौंपी गई है।

First Published : August 26, 2008 | 2:31 AM IST