ओला इलेक्ट्रिक ने अपने विस्तार का दूसरा चरण तैयार कर लिया है, जिसके तहत वह अपने संयंत्र की उत्पादन क्षमता चार गुना करेगी। इस तरह हर साल 10 लाख के बजाय 40 लाख दोपहिया वाहन बनाए जाएंगे। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसमें मोटरसाइकल भी शामिल होंगी।
कंपनी बेंगलूरु के बाहर स्थित सुपर फैक्टरी में 5 गीगावाट आवर की उन्नत रसायन सेल बैटरी भंडारण क्षमता वाला एक संयंत्र भी स्थापित करेगी। इसके अलावा ओला इलेक्ट्रिक अपनी यात्री कार विनिर्माण क्षमता का पहला चरण शुरू करने की योजना भी बना रही है और उम्मीद है कि 2024 से इस संयंत्र से कारें बनकर आने लगेंगी। नए संयंत्र और क्षमता विस्तार पर निवेश का ब्योरा अभी तैयार किया जा रहा है, लेकिन संभावना है कि इसके लिए रकम आंतरिक स्रोतों, कर्ज और इक्विटी से जुटाई जाएगी।
कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओला का दीर्घावधि लक्ष्य अगले 6 से 7 साल में इसी जगह 4 चरणों में संयंत्र का विस्तार करने का है ताकि वह 1 करोड़ दोपहिया, 10 लाख यात्री कार और 100 गीगावाट आवर की उन्नत रसायन सेल बैटरी स्टोरेज क्षमता विकसित कर सके। उन्होंने कहा कि क्षमता विस्तार के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा वाहन विनिर्माण संयंत्र बन जाएगा।
ओला के अनुसार इसकी बैटरी विनिर्माण क्षमता 20 गीगावाट आवर की उन्नत सेल बैटरी बनाने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत निर्धारित अपेक्षा से कहीं अधिक होगी। ओला इस योजना के अंतर्गत पात्र पाई गई तीन कंपनियों में शामिल है। अधिकारी ने कहा कि बैटरी उत्पादन क्षमता से ओला की अपनी जरूरत पूरी होंगी मगर उत्पादन ज्यादा होने पर कंपनी दूसरों को भी इसकी आपूर्ति कर सकती है।
ओला को उम्मीद है कि नवंबर में उसके वाहनों की बिक्री पिछले महीने के त्योहारी सीजन से कहीं ज्यादा रहेगी। उन्होंने कहा कि ई-दोपहिया के दूसरे मॉडल की कीमत करीब 1 लाख रुपये है और इसकी मांग अच्छी है। हालांकि कंपनी की वाहन बिक्री में 60 फीसदी हिस्सेदारी अब भी पहले उतारे गए फ्लैगशिप मॉडल की है, जिसकी ऑन-रोड कीमत (बीमा, रोड टैक्स सहित) 1.5 लाख रुपये है।
ओला इलेक्ट्रिक ने अगले कुछ वर्षों में दोपहिया वाहनों के 10 से 12 नए मॉडल और कारों के 4 से 5 मॉडल उतारने की स्पष्ट योजना बनाई है। इसमें विभिन्न कीमत श्रेणी वाली बाइक भी शामिल होंगी। कंपनी की पहली कार प्रीमियम सेगमेंट (करीब 40 लाख रुपये) की होगी, लेकिन ओला की योजना 5 लाख रुपये के करीब दाम वाली कार बनाने की भी है। ओला के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास 1 लाख रुपये से लेकर 40 लाख रुपये कीमत वाले ई-वाहन होंगे।’