पुणे की एफपीएल टेक्नोलॉजी के स्वामित्व वाली वन कार्ड फिनटेक सेगमेंट के स्टार्टअप में यूनिकॉर्न की जमात में शामिल हो गई है। कंपनी ने टेमासेक के नेतृत्व वाली सीरीज डी राउंड फंडिंग में 10 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। इस निवेश राउंड में मौजूदा निवेशकों क्यूईडी, सिकोया कैपिटल और हमिंगबर्ड वेंचर्स ने भी हिस्सा लिया। टेमासेक इंडिया ने वनकार्ड में अपने निवेश की खबरों की पुष्टि की है और कहा है कि आरबीआई की ताजा सख्ती का कंपनी पर प्रभाव नहीं पड़ा है।
यह कोष उगाही ऐसे समय में की गई है जब आरबीआई ने पीपीआई विकल्पों के जरिये गैर-बैंकिंग केंद्रित ऋणों पर अपनी सख्ती बढ़ाई है।
भारत में कंपनी के प्रबंध निदेशक (इन्वेस्टमेंट) मोहित भंडारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘वनकार्ड पीपीआई दिशा-निर्देशों से प्रभावित नहीं हुई है, क्योंकि ये पीपीआई जारीकर्ता नहीं थे, और कुछ अन्य कंपनियों को अब अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव लाना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘वनकार्ड बैंकों के लिए एक तकनीकी सॉल्युशन प्रदाता है। यह एक ऐसा क्रेडिट कार्ड है जो बैंक जारी करते हैं और वनकार्ड इसके लिए तकनीकी समाधान प्रदाता की जिम्मेदारी निभाती है। इसलिए उस पर पीपीआई दिशा-निर्देशों का प्रभाव नहीं पड़ा है।’
एफपीएल टेक्नोलॉजीज ने अपने सीरीज सी फंडिंग राउंड के तहत इस साल के शुरू में 7.5 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाई थी। यह निवेश मौजूदा निवेशकों क्यूईडी इन्वेस्टर्स, जैनचर पार्टनर्स, सिकोइया कैपिटल इंडिया, मैट्रिक्स पार्टनर्स ने भी हिस्सा लिया था। कंपनी की स्थापना वर्ष 2015 में अनुराग सिन्हा, रूपेश कुमार और विभाव हैथी द्वारा मिलकर की गई थी। बीएस
वेदांत रिसोर्सेज का नकदी जोखिम कम: एसऐंडपी
रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स (एसऐंडपी) ने आज कहा कि वेदांत रिसोर्सेज के लिए नकदी प्रवाह पर दबाव कम हो गया है क्योंकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अपनी ऋण परिपक्वता के एक बड़े हिस्से को निपटा दिया है। वेदांत सिसोर्सेज को अभी भी कुछ रकम जुटाना है लेकिन उसके पास अपनी सहायक कंपनी वेदांत में पर्याप्त नकदी उपलब्ध है और उसे बैंकों के साथ स्थापित संबंधों का भी फायदा मिलेगा। हालांकि वेदांत रिसोर्सेज की पूंजी बाजार तक कमजोर पहुंच और रीफाइनैंस की लगातार जरूरतों से रेटिंग को झटका लगा है।
वित्त वर्ष की शुरुआत में वेदांत रिसोर्सेज को करीब 3 अरब डॉलर के रीफाइनैंस की आवश्यकता होगी। शेष वित्त वर्ष में कंपनी की ऋण परिपक्वता के लिए अब करीब 1.3 अरब डॉलर की आवश्यकता होगी। कंपनी वित्त वर्ष 2023 में शेष बकाया रकम में करीब आधे की अदायगी वेदांत से प्राप्त लाभांश के जरिये कर देगी जबकि शेष के लिए रीफाइनैंस की जरूरत होगी। वेदांत रिसोर्सेज भारतीय बैंकों से अतिरिक्त रकम जुटाने की योजना बना रही है जैसा उसने मई और जून में भारतीय स्टेट बैंक व केनरा बैंक से 70 करोड़ डॉलर जुटाए थे।