उपकरण परीक्षण बाधाओं से निपटने पर नजर

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 6:40 PM IST

दूरसंचार विभाग 1 जुलाई से देश में प्रमुख नेटवर्क उपकरणों के अनिवार्य परीक्षण एवं प्रमाणन के विवादास्पद मुद्दे के समाधान के समाधान के लिए दूरसंचार कंपनियों के साथ मिलकर कोई ठोस समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। विभिन्न हितधारकों के साथ बैठक के बाद विभाग विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है जिसमें समय-सीमा में विस्तार अथवा परीक्षण के लिए पर्याप्त तीसरे पक्ष की प्रयोगशालाएं उपलब्ध होने तक समय-सीमा में विस्तार शामिल हैं।
दूरसंचार कंपनियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 1 जुलाई की समय-सीमा को लागू की जाती है तो इस साल के अंत तक 5जी सेवाओं को शुरू करने की योजना को तगड़ा झटका लगेगा क्योंकि 4जी/5जी उत्पादों के परीक्षण के लिए पर्याप्त तीसरे पक्ष की प्रयोगशालाएं नहीं हैं। दूरसंचार विभाग के अधिकारियों ने इस बात को स्वीकार किया है।
नए परीक्षण एवं प्रमाणन नियमों के तहत 4जी और 5जी नेटवर्क में उपयोग किए जाने वाले माइक्रोवेव, रेडियो, राउटर आदि उपकरणों का किसी चयनित तीसरे पक्ष की प्रयोगशालाओं में परीक्षण के बिना आयात नहीं किया जा सकता है और न ही उसकी बिक्री की जा सकती है। इसके अलावा उन्हें सुरक्षा, उत्सर्जन एवं अन्य तकनीकी मानदंडों पर दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र द्वारा प्रमाणित भी किया जाना चाहिए। लेकिन समस्या यह है कि इतने बड़े पैमाने पर परीक्षण के लिए फिलहाल पर्याप्त प्रयोगशालाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में दूरसंचार कंपनियों को आशंका है कि नेटवर्क उपकरणों को खरीदने अथवा आयात करने के लिए ऑर्डर या तो ठहर जाएंगे अथवा उनमें 6 से 12 महीने की देरी हो सकती है।
उद्योग ने इस समस्या के समाधान के लिए कई प्रस्ताव दिए हैं। दूरसंचार उपकरण विनिर्माताओं के संगठन टेमा का मानना है कि अनिवार्य परीक्षण नियम अप्रासंगिक हैं और उन्हें खत्म किया जाना चाहिए। टेमा का कहना है कि दूरसंचार कंपनियों द्वारा खरीदे गए सभी उत्पाद नई ‘विश्वसनीय उत्पाद’ नीति के दायरे में पहले से ही आते हैं। जबकि यदि कोई उत्पाद उससे छूट जाता है तो उसे भारतीय मानक ब्यूरो के दायरे में लाया जा सकता है।
दूरसंचार ऑपरेटरों के संगठन सीओएआई ने सुझाव दिया है कि समय-सीमा को छह महीने के लिए बढ़ा दिया जाना चाहिए। उसका मानना है कि 4जी/5जी के लिए आवश्यक कम से कम 60 फीसदी उत्पादों के परीक्षण के लिए पर्याप्त प्रयोगशालाएं होनी चाहिए। जहां तक अग्रणी दूरसंचार उपकरण विनिर्माताओं का सवाल है तो उन्होंने भी समय-सीमा में विस्तार करने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि समय-सीमा को अगले 6 से 18 महीने के लिए बढ़ा देना चाहिए।
सूत्रों का कहना है कि दूरसंचार विभाग ने कहा था कि हरेक संयंत्र में कम से कम एक तीसरे पक्ष की प्रयोगशाला जुलाई से चालू हो जाएगी लेकिन दूरसंचार कंपनियों का कहना है कि वह पर्याप्त नहीं होगा।
दूरसंचार उपकरण विनिर्माताओं का कहना है कि यदि 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी जुलाई तक खत्म हो जाएगी और ऑपरेटरों से ऑर्डर मिलने लगेंगे तो बिना अनिवार्य प्रमाणन के उपकरणों का नहीं किया जा सकेगा। दूरसंचार उपकरण बनाने वाली एक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इसका मतलब साफ है कि सबसे अच्छी स्थिति में भी आप दिसंबर तक ही आयातित ऑर्डर दे पाएंगे। चिप किल्लत और लंबित ऑर्डरों को देखते हुए इसमें कहीं अधिक समय लग सकता है। ऐसे में 5जी सेवाएं शुरू करने की पूरी प्रक्रिया पटरी से उतर सकती है।’

First Published : May 27, 2022 | 12:53 AM IST