भारत के सबसे बड़े बिस्कुट और कन्फेक्शनरी उत्पाद निर्माताओं में से एक पारले प्रोडक्ट्स लिमिटेड देश में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है।
कंपनी इन उत्पादों की बढ़ रही मांग को ध्यान में रख कर अपनी उत्पादन क्षमता में 10 फीसदी का इजाफा करना चाहती है। कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं पर तकरीबन 50 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। पारले ने कोष की व्यवस्था करने के लिए आंतरिक स्रोतों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है।
देश में फिलहाल कंपनी के 50 से अधिक संयंत्र हैं। कंपनी अपनी बिस्कुट निर्माण इकाइयों के विस्तार के अलावा स्नैक्स और कन्फेक्शनरी सेगमेंट में नए उत्पादों को भी लॉन्च करेगी। कंपनी के इस विस्तार कार्यक्रम को अगले 4-5 महीने में पूरा कर लिए जाने की संभावना है।
पारले प्रोडक्ट्स लिमिटेड के महाप्रबंधक (मार्केटिंग) प्रवीण कुलकर्णी ने कहा, ‘हम जल्द ही क्षमता विस्तार की योजना बना रहे हैं। यह क्षमता विस्तार पूरे देश में मुंबई, अंबरनाथ, हुबली, चेन्नई, मदुरै, कानपुर, दिल्ली, बेंगलुरु और निमराणा (राजस्थान) जैसे विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद हमारी उत्पादन इकाइयों में किया जाएगा।’
उन्होंने कहा, ‘बढ़ती मांग को देख कर क्षमता में इजाफा किया जाना जरूरी है। मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ रहा है।’ कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी तेजी से बढ़ रहे उत्पादन खर्च को नियंत्रित करने के उपाय तलाश रही है। गेहूं के आटे और चीनी जैसे पदार्थों की कीमतों में पिछले 5-6 महीने में तकरीबन 25-30 फीसदी का इजाफा हुआ है। इस अवधि में पैकेजिंग खर्च में भी 40 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
कुलकर्णी ने कहा, ‘हम अपने वितरण और पैकेजिंग खर्च को कम करने पर ध्यान दे रहे हैं जिसकी भागीदारी हमारे कुल खर्च में तकरीबन 65 फीसदी की है।’ कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2007-08 में 2500 करोड़ रुपये का कारोबार किया था और वित्तीय वर्ष 2008-09 में उसे इसमें 10 फीसदी का इजाफा होने की संभावना है।