रूस में दवा कंपनियों को ताकत

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 6:33 PM IST

रूस-यूक्रेन युद्ध का वहां के बाजारों में भारतीय दवा कंपनियों की बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ा है। वास्तव में रूस में मौजूद कंपनियों- सन फार्मास्युटिकल्स, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज और ग्लेनमार्क- ने मौजूदा संकट के दौरान अपने राजस्व में उच्च दो अंकों में वृद्धि दर्ज की है।
डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज ने वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के दौरान राजस्व में सालाना आधार पर 686 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की। कंपनी ने कहा, ‘वृद्धि को मुख्य तौर पर बुनियादी कारोबार में तेजी और नई दवाओं को लॉन्च करने से बल मिला। चौथी तिमाही के दौरान के दौरान लोगों द्वारा दवाओं का स्टॉक किए जाने और दो प्रमुख ब्रांडों में निवेश से का भी फायदा मिला।’
बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने चौथी तिमाही के दौरान ​​​स्थिर मुद्रा आधार पर 43 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। कंपनी के प्रबंध निदेशक दिलीप सांघवी ने कहा कि रूसी कारोबार पर भूराजनीतिक तनाव का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में कंपनी का कोई खास कारोबार नहीं है।
ग्लेनमार्क ने कहा कि चौथी तिमाही के दौरान उसकी बिक्री में 31 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। एलारा सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी ने 27.6 फीसदी वृद्धि दर्ज की जबकि रूस में उसकी वृद्धि 21.6 फीसदी रही।
तिमाही के दौरान ग्लेनमार्क को एबरोक्सोल सॉल्युशंस (श्वसन रोग की दवा) की मंजूरी मिली और उसने कहा कि रायलट्रिस व रायलट्रिस मोनो (नेजल स्प्रे) को रूस के बाजार में काफी उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। चौथी तिमाही में मजबूत बढ़ोतरी की वजह इन्वेंट्री में हुई बढ़ोतरी है।
तिमाही नतीजे के बाद मी​डिया से बातचीत में डीआरएल के को-चेयरमैन व एमडी जीवी प्रसाद ने कहा, हमारा रूस का परिचालन पहले की तरह चल र हा है। हमारे ग्राहकों  के  पास मौजूदा संकट की शुरुआत में  कुछ स्टॉक जमा हो गए थे। अगली  तिमाही से हम समान्य स्थिति  बहाल होने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने  कहा, हम रूसी बाजार में ब्रांडों की पेशकश जारी  रखेंगे। डीआरएल के सीईओ (ब्रांडेड मार्केट्स-भारत व उभरते बाजार) एम वी  रमन्ना ने कहा, डीआरएळ का रूस के बाजार में अच्छा खासा वॉल्यूम रहा है। उस बाजार में अच्छी बढ़त देखने  को  मिली है और अफोर्डेबिलिटी पर ध्यान बना हुआ है। उन्होंने कहा, हम वहां तीन दशक से हैं। हम अपना परिचालन पहले की तरह बनाए हुए हैं। हमने कर्मचारियों की सुरक्षा का ध्यान  रखा है।
रमन्ना ने संवाददाताओं  से कहा कि रूस से अब तक फंडों के स्वदेश प्रत्यावर्तन का कोई मामला नहीं है। किसी भी दवा कंपनी ने अब तक रूस नहीं छोड़ा है। उन्होंने कहा, कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपनी प्रमोशनल गतिविधियां रोकी हैं लेकिन देश नहीं छोड़ा है।
प्रसाद ने कहा कि यूक्रेन में शुरु में परिचालन प्रभावित हुआ था ले​किन अब हम वहां दवाएं भेजने  के लिए लॉजिस्टिक्स  समाधान की कोशिश में जुटे हैं। डीआरएल के एकीकृत राजस्व में उभरते बाजारों का योगदान 21 फीसदी है। यह भारत की हिस्सेदारी 20 फीसदी से ज्यादा है। डीआरएल ने साल के दौरान उभरते बाजारों में 86 उत्पाद पेश किए हैं।
सन फार्मा  के वैश्विक कारोबार में उभरते बाजारों  का योगदान  करीब 17 फीसदी है।

First Published : June 1, 2022 | 1:35 AM IST