मंदी के बावजूद भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) को इस शैक्षणिक सत्र में नियुक्तियों के लिए परिसर में ही मिलने वाली पेशकश में 25 से 50 प्रतिशत का इजाफा होने की उम्मीद है।
संस्थान को यह उम्मीद तब है, जबकि देश के अन्य बिजनेस स्कूलों का इस साल के लिए नियुक्तियों में 25 से 30 प्रतिशत गिरावट का अनुमान है। आईआईएम नियुक्तियों से पहले पेशकश की प्रक्रिया हर साल जुलाई में शुरू होती है और संस्थान कैंपसों से अंतिम नियुक्तियां फरवरी में होती हैं। इस सत्र में भी पेशकश प्रमुख इन्वेस्टमेंट बैंकों और कंसलटिंग फर्मों की ओर से की गई हैं।
उदाहरण के लिए आईआईएम कलकत्ता (आईआईएम-सी) को अभी तक 33 नियुक्तियों से पहले पेशकश की गई हैं, जिनमें 15 अंतरराष्ट्रीय पेशकश शामिल हैं और संस्थान को उम्मीद है कि पिछले वर्ष में 90 पेशकश के मुकाबले इस साल इस आंकड़े में 25 प्रतिशत का इजाफा होगा।
अभी तक ज्यादातर वैश्विक कंसलटिंग कंपनियों, जिनमें मैकिन्जी ऐंड कंपनी, मेरिल लिंच, मोर्गन स्टैनली, लेमैन बदर्स, जे पी मॉर्गन चेज, गोल्डमैन सैक्स और बार्कलेज बैंक शामिल हैं, ने संस्थान के छात्रों को नियुक्तियों से पहले पेशकश की है।
आईआईएम कलकत्ता में मार्केर्टिंग के प्रोफेसर और (करियर डेवलपमेंट एवं प्लेसमेंट) के चेयरमैन प्रफुल्ल अग्निहोत्री का कहना है, ‘मुझे नहीं लगता कि आर्थिक मंदी का देश के बेहतरीन बिजनेस स्कूलों पर कोई असर होगा। अंतिम नियुक्तियां भी आसानी से होंगी।’
आईआईएम इंदौर को अभी तक इस तरह की 21 पेशकश हुईं हैं और संस्थान को उम्मीद है कि इस आंकड़े में 50 प्रतिशत का इजाफा होगा। पिछले साल संस्थान में लगभग 63 नियुक्तियों से पहले की पेशकश हुईं थीं। आईआईएम इंदौर के प्लेसमेंट संस्था के सदस्य का कहना है, ‘2009 का बैच जो इस साल ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप पर है, पिछले बैच के मुकाबले अधिक अनुभवी है।’
आईआईएम कोझीकोड को अभी तक 17 नियुक्तियों से पहले की पेशकश हुई हैं और संस्थान को इस साल इस आंकड़े के लगभग 90 तक पहुंचने की उम्मीद है। उपभोक्ता वस्तुएं बनाने वाली कंपनियां जैसे हिन्दुस्तान यूनीलिवर लिमिटेड, कोक और आईटीसी के अलावा वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां जैसे सिटीबैंक, जे पी मॉर्गन पहले ही संस्थान के साथ जुड़ने का वादा कर चुकी हैं।
आईआईएम बंगलौर ने अभी तक हुई पेशकश के लिए आंकड़े बताने से इनकार कर दिया, लेकिन उन्होंने बताया कि उसे इस साल कैंपस में आने वाली कंपनियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा होने की उम्मीद है। आईआईएम अहमदाबाद ने इस बारे में जानकारी और आंकड़े देने से इनकार कर दिया।
पिछले वर्ष के आंकड़ों के मुकाबले अभी इस साल के शुरुआती आंकड़े तो पेशकश में गिरावट के संकेत दे रहे हैं। आईआईएम के एक प्रमुख अधिकारी का कहना है, ‘अगर इस साल नियुक्तियों से पहले होने वाली पेशकश पिछले वर्ष के समान भी रहती हैं, तो भी हमे खुशी होगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय कंपनियां बैंकिंग या वित्तीय क्षेत्र (अमेरिका में आर्थिक संकट झेल रही हैं) से हैं, हमें वहां से अंतिम नियुक्तियों के दौरान भी बहुत अच्छी पेशकश मिलने की उम्मीद नहीं है।’
…आईआईएम के मुरीद
मंदी की वजह से सबको नियुक्तियों में भी कमी आने की आशंका
लेकिन आईआईएम बेअसर, नियुक्तियों की पेशकश बढ़ने की उम्मीद
पिछले साल नियुक्तियों की 329 पेशकश
इस बार अभी तक हुईं 71 पेशकश