पिछले सप्ताह नियामक को दी जानकारी में गो फर्स्ट ने कहा कि 3,600 करोड़ रुपये जुटाने के लिए उसके आईपीओ में ओमीक्रोन लहर के अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर गंभीर प्रभाव और अप्रत्याशित रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से विलंब हुआ।
वाडिया समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने कहा है, ‘बाजार हालात के आधार पर कंपनी बुक रनिंग लीड मैनेजर के साथ परामर्श कर आईपीओ प्रक्रिया को पुन: आगे बढ़ाएगी।’ गो फर्स्ट का डीआरएचपी शुक्रवार के सेबी के उस आदेश से कुछ दिन पहले पेश किया गया था, जिसमें प्रवर्तकों को पूंजी बाजारों से उगाही से रोक दिया गया था।
गो फर्स्ट ने मई 2021 में बाजार नियामक को डीआरएचपी सौंपा था, जिसमें कंपनी ने कहा था कि वह निर्गम के जरिये 3,600 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। अगस्त 2021 में, एयरलाइन को आईपीओ लाने के लिए सेबी की मंजूरी मिली थी। आईपीओ के लिए पेश डीआरएचपी इस साल अगस्त में अवैध हो गया, क्योंकि एयरलाइन एक साल के अंदर निर्गम लाने में विफल रही।