तेल कंपनियों के शेयरों में बुधवार को तेजी दर्ज हुई जब केंद्र सरकार ने वैश्विक कीमतों में कमी को देखते हुए ईंधन निर्यात पर अप्रत्याशित कर में कटौती कर दी।
ब्रोकरेज फर्म सिटी ने मंगलवार को कहा था कि पेट्रोल व डीजल की कीमतें एक महीने पहले के मुकाबले 40 से 50 डॉलर प्रति बैरल घटी हैं, इसी वजह से अप्रत्याशित कर की समीक्षा हुई, जिसकी घोषणा 1 जुलाई को हुई थी।
ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने भी पिछले हफ्ते ऐसी ही बातें कही थी। ब्रोकरेज ने कहा था कि डीजल, पेट्रोल और एटीएफ के मार्जिन में कमी व कच्चे तेल की कीमतें जून के उच्चस्तर से नरम होने की घटना एक ही समय में हुई, जिससे रिफाइनरों के सुपर प्रॉफिट की संभावना खत्म हो गई। बुधवार को सरकार ने डीजल व एटीएफ के निर्यात पर अप्रत्याशित कर 2 रुपये प्रति लीटर घटा दिया जबकि पेट्रोल के निर्यात पर 6 रुपये प्रति लीटर का पूरा कर हटा दिया। साथ ही सरकार ने देश में उत्पादित कच्चे तेल पर कर 27 फीसदी घटाकर 17,000 रुपये प्रति टन कर दिया। इसके अलावा 1 जुलाई से एसईजेड निर्यात से ड्यूटी हटा दी।
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कहा, एसईजेड निर्यात पर कर नहीं लगने से आरआईएल के सकल रिफाइनिंग मार्जिन पर असर अब 1 डॉलर प्रति बैरल रह गया, जो पहले 7 से डॉलर था। कंपनी अपने एसईजेड से कुल रिफाइनिंग आउटपुट का 55 फीसदी निर्यात करती है, जो जामनगर गुजरात में है।
खबर के बाद आरआईएल का शेयर कारोबारी सत्र में चार फीसदी चढ़कर 2,545.05 रुपये पर पहुंच गया, हालांकि अंत में बीएसई पर यह 2,501.4 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले दिन के मुकाबले 2.5 फीसदी ज्यादा है।
कारोबारी सत्र के दौरान चेन्नई पेट्रोलियम का शेयर 11 फीसदी चढ़कर 296.40 रुपये पर पहुंचा जबकि ऑयल इंडिया का शेयर 8 फीसदी चढ़कर 201.80 रुपये, ओएनजीसी 7 फीसदी चढ़कर 136.40 रुपये और एमआरपीएल का शेयर 5 फीसदी चढ़कर 76.30 रुपये पर पहुंचा।
अंत में चेन्नई पेट्रोलियम 285.7 रुपये, ऑयल इंडिया 197.4 रुपये, ओएनजीसी 132.6 रुपये और एमआरपीएल बीएसई पर 76.3 रुपये पर बंद हुआ। बुधवार को कारोबारी सत्र में बीएसई सेंसेक्स व बीएसई ऑयल ऐंड गैस इंडेक्स 1.2 फीसदी चढ़ा।