घरेलू लॉजिस्टिक्स उद्योग का कारोबार अगले दो साल में अनुमानित रूप से 110 अरब डॉलर का हो सकता है। लेकिन इस उद्योग की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इसमें कुशल और दक्ष पेशेवरों की जबरदस्त किल्लत है।
इस उद्योग को अगले चार से पांच साल में 400,000 अतिरिक्त कार्मिकों की जरूरत पड़ेगी। डेलोइट टच तोहमत्सु के वरिष्ठ प्रबंधक अतुल कुलकर्णी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि हालांकि यह उद्योग तेज गति से बढ़ रहा है, लेकिन इसे कुशल कार्मिकों की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस उद्योग को वरिष्ठ प्रबंधन श्रेणी में ही कम से कम 420,000 कुशल लोगों की जरूरत पड़ेगी।
फिलहाल आपूर्ति शृंखला प्रबंधन और लॉजिस्टिक प्रबंधन में पाठयक्रम छात्रों के लिए पसंदीदा पाठयक्रम नहीं हैं। दूसरा कारण यह भी है कि इन क्षेत्रों में कुछ मुट्ठीभर संस्थान ही ऐसे विशेष पाठयक्रमों की पेशकश कर रहे हैं। जिन अधिकांश पाठयक्रमों की पेशकश की जाती है वे आमतौर पर बेहद सैद्धांतिक और कठिन हैं।
उन्होंने कहा कि पाठयक्रम का ढांचा तैयार करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि उसमें सिद्धांत और कार्य प्रणाली का आदर्श समावेश हो। छात्रों की सोच यह भी रही है कि आईटी उद्योग जैसे अन्य उद्योगों की तुलना में लॉजिस्टिक उद्योग में अच्छा वेतन नहीं है। लेकिन उन्होंने कहा कि यह उद्योग फाइनेंस, मार्केटिंग और मानव संसाधन के सेगमेंट में शुरुआती स्तर के उम्मीदवारों के लिए हर साल 15 लाख से 20 लाख रुपये चुकाता है।
लॉजिस्टिक क्षेत्र की ओर से चलाई जा रही गतिविधियों में अचानक बड़ा बदलाव आया है। लेकिन प्रतिभाओं को आकर्षित करना और उन्हें बनाए रखना इस उद्योग में एक बड़ी समस्या है। कुलकर्णी ने कहा कि इस व्यवसाय में कामकाज और दृष्टिकोण में व्यावसायिकता लाए जाने के लिए एक उच्च डिग्री बनाए जाने की जरूरत है।
दूसरी समस्या जागरुकता की है। यह उद्योग स्वयं को पूरी तरह से मुक्त रखने में भी विफल रहा है इसके अलावा इस उद्योग पर व्यक्तिगत रूप से पारंपरिक दबदबा रहा है और इसे पारिवारिक व्यवसाय के रूप में देखा जाता रहा है। इस उद्योग में बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भी काफी देर से कदम रखा है।
अमेरिका की शिपिंग लाइन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब भारत में लॉजिस्टिक कंपनी ने दस्तक दी तो इसने अधिग्रहण का रास्ता अख्तियार किया। ऐसा न सिर्फ कम लागत का लाभ उठाने के लिए किया गया बल्कि मानव संसाधन की उपलब्धता के कारण भी अधिग्रहण को तरजीह दी गई। उन्होंने कहा कि चूंकि यह उद्योग वैश्विक होता जा रहा है इसलिए इससे कुशल प्रतिभाओं को जोड़ा जाना बेहद जरूरी है।
…नहीं मिल रहे हरफनमौला पेशेवर
उद्योग का आकार 110 अरब डॉलर होने की उम्मीद
चार से पांच साल में पड़ेगी तकरीबन 400,000 अतिरिक्त कार्मिकों की जरूरत
वरिष्ठ स्तर पर चाहिए इससे भी ज्यादा पेशेवर
आईटी उद्योग में मिल रहा है मुंहमांगा वेतन, 15 से 20 लाख रुपये का पैकेज