स्पाइसहेल्थ के लेखा परीक्षक ने दिया इस्तीफा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 2:25 PM IST

 दरियागंज ​​स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म बब्बर जिंदल ऐंड कंपनी ने ‘अन्य कार्यभारों की व्यस्तता’ का हवाला देते हुए 1 अगस्त को अजय सिंह के स्वामित्व वाली स्पाइसहेल्थ की वैधानिक लेखा परीक्षक (ऑडिटर) के रूप में इस्तीफा दे दिया। बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा देखे गए दस्तावेजों से यह जानकारी मिली है।
इस बीच स्पाइसहेल्थ ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि वह पहले ही 2 अगस्त को हरियाणा स्थित प्रशांत सैनी ऐंड एसोसिएट को नया लेखा परीक्षक नियुक्त कर चुकी है। वित्त वर्ष 21 की अपनी वित्तीय रिपोर्ट में स्पाइसहेल्थ ने खुद को ‘देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनी’ कहा था।
स्पाइसहेल्थ सितंबर 2020 में अस्तित्व में आई थी, जब स्पाइसजेट एयरलाइन के प्रवर्तक अजय सिंह ने कोविड-19 महामारी के बीच फलों और सब्जियों का व्यापार करने वाली अपनी कंपनी स्पाइस फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड को पैथोलॉजिकल टेस्टिंग कंपनी स्पाइस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड (स्पाइसहेल्थ) में तब्दील कर दिया था।
वित्त वर्ष 21 में 22.42 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित करने वाली स्पाइसहेल्थ अजय सिंह की विमान कंपनी स्पाइसजेट की सहायक कंपनी नहीं है। जहां एक ओर स्पाइसहेल्थ ने वित्त वर्ष 21 में शुद्ध लाभ दर्ज किया, वहीं दूसरी ओर स्पाइसजेट पिछले चार वर्षों से घाटे में चल रही है। 
विमान कंपनी ने 31 अगस्त को कहा था कि उसके मुख्य वित्तीय अधिकारी संजीव तनेजा ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। 9 सितंबर को स्पाइसजेट ने घोषणा की थी कि उसने आशीष कुमार को अपना नया मुख्य वित्तीय अधिकारी नियुक्त किया है।
इसकी वेबसाइट के मुताबिक स्पाइसहेल्थ छह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों – दिल्ली, हरियाणा, बिहार, झारखंड, तमिलनाडु और राजस्थान में कई प्रयोगशालाओं, संग्रह केंद्रों और टीकाकरण केंद्रों का संचालन कर रही है।  वेबसाइट पर बताया गया है कि स्पाइसहेल्थ 20 सितंबर, 2022 तक 54 लाख से अधिक नमूनों की जांच कर चुकी है। अजय सिंह की बेटी अवनि सिंह कंपनी की मुख्य कार्या​धिकारी हैं।

First Published : October 2, 2022 | 10:15 PM IST