केंद्र सरकार सबसे बड़े डेटासेट कार्यक्रमों में से एक का निर्माण कर रही है, जो पूरी एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) व्यवस्था को गैर-व्यक्तिगत डेटा तक पहुंच प्रदान करेगा। इससे भारतीय स्टार्टअपों को और अधिक भारत केंद्रित पेशकशों के साथ आने में मदद मिलेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि हम ऐसे कई अवसर देख रहे हैं जो हमारी घरेलू क्षमताओं और भारतीय नवोन्मेष तथा भारतीय नवोन्मेषकर्ताओं की क्षमताओं तक सीमित रहने वाली क्षमताओं पर आधारित होने जा रहे हैं। इन डेटासेट की पहुंच केवल भारतीय कंपनियों और भारतीय स्टार्टअपों को ही दी जाएगी। वह ग्लोबल फिनटेक फेस्ट को आभासी रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि नीति निर्माण के कुछ हिस्से ऐसे होंगे जो भारत के नवोन्मेषकर्ताओं और स्टार्टअपों के लिए तैयार किए जाने वाले हैं। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि इसमें से कुछ देश के बाहर से आने वाली की कंपनियों के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान भारतीय स्टार्टअपों और विदेशी कंपनियों के बीच संयुक्त आईपी और स्वामित्व के सर्जन पर भी है, विशेष रूप से गहन प्रौद्योगिकी क्षेत्र में। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि आगे चलकर डिजिटल देश की हमारी विकास गाथा का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ता रुझान या स्टार्टअपों के अलावा अगले कुछ साल में एआई और डेटा अर्थव्यवस्था की ओर से अधिक अवसर मिलने वाले हैं। स्टार्टअप व्यवस्था में सभी विकास के बावजूद चंद्रशेखर ने कहा कि देश को अब कौशल की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।