टाटा समूह विस्ट्रॉन संग बनाएगा आईफोन!

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:46 PM IST

खबर है कि टाटा समूह ने देश में आईफोन बनाने के लिए संयुक्त उपक्रम स्थापित करने की खातिर ताइवान की ओईएम कंपनी विस्ट्रॉन के साथ बातचीत शुरू कर दी है। ब्लूमबर्ग की एक खबर के मुताबिक टाटा समूह विस्ट्रॉन की भारतीय कंपनी में हिस्सेदारी खरीद सकता है। विस्ट्रॉन की भारतीय इकाई का पहले ही यहां एक कारखाना है, जहां वह ऐपल इंक का आईफोन बना रही है। 
टाटा समूह ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। ऐपल इंक से जुड़े सूत्रों ने भी कहा कि उन्हें बारे में कोई जानकारी नहीं है और वे ऐसी किसी बातचीत में शामिल नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उनके वेंडरों को दूसरी कंपनियों के साथ बातचीत करने की आजादी है और ऐसी बात हो रही होगी तो उन्हें पता चल जाएगा। मगर ऐपल इंक ने इस सवाल का आधिकारिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया। 
टाटा समूह और विस्ट्रॉन देश के इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल डिवाइस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं। सूत्रों  हना है कि टाटा समूह की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड का तमिलनाडु में कारखाना है। समूह इस कंपनी के जरिये करीब दो साल से आईफोन के मैकेनिकल पुर्जों के डिजाइन एवं विनिर्माण के लिए ऐपल इंक के साथ मिलकर काम कर रहा है। 
यह बातचीत बहुत महत्त्वपूर्ण है और इस कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि देश में मैकेनिकल पुर्जों के विनिर्माण से ऐपल इंक को आईफोन में 5-6 फीसदी अधिक मूल्य संवर्द्धन हो जाएगा। फिलहाल भारत में उसमें 18 से 20 फीसदी मूल्य संवर्द्धन होता है, जिस हिसाब से यह बढ़ोतरी अच्छी खासी होगी। 
सरकार उम्मीद कर रही है कि पीएलआई के तहत पात्र कंपनियां योजना का पांचवां साल खत्म होते-होते 35 फीसदी मूल्य संवर्द्धन पर पहुंच जाएं। मैकेनिकल पुर्जों में बैटरी कवर, फ्रंट कवर, बैक कवर, जीएसएम एंटेना, सेंसर रबर केस, सिम सॉकेट, सीलिंग गैस्केट आदि शामिल हैं। 
प्रयोग सफल रहा तो टाटा समूह दुनिया भर में ऐपल इंक की बड़ी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बन जाएगा। ऐपल इंक की आपूर्ति श्रृंखला में इस समय चीन का दबदबा है। इससे ऐपल इंक को भी मदद मिलेगी, जो चीन में कारखाने बंद होने की मुश्किल से जूझ रही है। चीन में महामारी से निपटने के कड़े सरकारी नियमों के कारण कारखाने बंद किए जा रहे हैं, जिससे उत्पादन में बड़ी रुकावट आ गई है। इसी कारण भारत अच्छा वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र लगने लगा है। 
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी उतर रही है, जो मोबाइल डिवाइस का प्रमुख हिस्सा है। 

First Published : September 9, 2022 | 9:59 PM IST