Tata Sons chairman N Chandrasekaran (File Photo)
टाटा पावर चालू वित्त वर्ष 2024-25 में पूंजीगत व्यय के लिए 20,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कंपनी की 105वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को बताया कि पूंजीगत व्यय का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को गति देने के लिए होगा।
बाकी राशि पारेषण और वितरण कारोबार पर खर्च की जाएगी। चंद्रशेखरन, जो टाटा संस के चेयरमैन भी हैं, ने कहा, ‘‘टाटा पावर ने 2024-25 में 20,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करने की योजना बनाई है। यह 2023-24 में निवेश की गई 12,000 करोड़ रुपये की राशि से काफी अधिक है।’’
उन्होंने कहा कि टाटा पावर अन्य राज्यों में नए वितरण विस्तार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए भी निवेश करेगी। इसके अलावा कंपनी सरकार से जरूरी मंजूरी मिलने के बाद छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर में भागीदारी की संभावना भी तलाशेगी।
चेयरमैन ने कहा कि कंपनी मौजूदा और निर्माणाधीन परियोजनाओं, दोनों से पांच साल में 15 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह क्षमता इस समय नौ गीगावाट की है।
उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य वितरण कारोबार के विस्तार के जरिये पांच करोड़ उपभोक्ताओं को जोड़ने का है, जिनकी मौजूदा संख्या 1.25 करोड़ से अधिक है।