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Tata Steel हाइड्रोडन का करेगी ज्यादा इस्तेमाल, स्टील बनाने के प्रोसेस में एक और बड़ी बात जो दुनिया में सबसे पहले…

नीदरलैंड में कंपनी के ऑपरेशन के बारे में Tata Steel के CEO नरेंद्रन ने कहा कि वहां कारोबार कोयले से गैस और फिर हाइड्रोजन की ओर बढ़ रहा है

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भाषा   
Last Updated- August 27, 2023 | 11:24 PM IST

टाटा स्टील (Tata Steel) ने इस्पात बनाने की प्रक्रिया में हाइड्रोजन का इस्तेमाल बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी ने झारखंड स्थित अपने जमशेदपुर प्लांट में पायलट परियोजना के सफल होने के बाद यह फैसला किया है। टाटा स्टील के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) टी वी नरेंद्रन ने यह जानकारी दी।

टाटा स्टील कर रही नए प्रयोग, होगी कोयले की कम खपत
टाटा स्टील ने अप्रैल, 2023 में जमशेदपुर स्थित अपने स्टील प्लांट में ई-ब्लास्ट फर्नेस में 40 प्रतिशत इंजेक्शन सिस्टम का उपयोग करके हाइड्रोजन गैस इंजेक्ट करने का प्रयोग शुरू किया था। इस प्रयोग के नतीजों पर एक सवाल के जवाब में नरेंद्रन ने कहा, ‘यह बहुत सफल रहा। हम इसे बढ़ाएंगे, लेकिन हमें पूर्वी भारत में हरित हाइड्रोजन की जरूरत होगी, जिससे यह तय होगा कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।’

हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कंपनी हाइड्रोजन का उपयोग कितनी मात्रा में बढ़ाने की योजना बना रही है। ब्लास्ट फर्नेस में हाइड्रोजन का इस्तेमाल करके कोयले की खपत को कम किया जा सकता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने कहा, ‘यह दुनिया में पहली बार है कि ब्लास्ट फर्नेस में इतनी बड़ी मात्रा में हाइड्रोजन गैस लगातार डाली जा रही है।’

नीदरलैंड में भी ग्रीन एनर्जी का रुख कर रही टाटा स्टील
नीदरलैंड में कंपनी के परिचालन (ऑपरेशन) के बारे में नरेंद्रन ने कहा कि वहां कारोबार कोयले से गैस और फिर हाइड्रोजन की ओर बढ़ रहा है। टाटा स्टील नीदरलैंड वहां हाइड्रोजन के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक बन जाएगी।

First Published : August 27, 2023 | 3:15 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)