टाटा की गुहार- राज को राज रहने दो…

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 9:01 PM IST

टाटा मोटर्स ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ हुए समझौते के ‘गोपनीय’ हिस्सों को सार्वजनिक न करने के लिए अदालत से गुहार लगाई है।


राज्य सूचना आयोग के खिलाफ कंपनी द्वारा कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के बाद न्यायालय ने इस पर दो हफ्ते की अंतरिम रोक लगा दी है। हाल ही में यह खुलासा हुआ था कि टाटा मोटर्स को एक फीसदी की दर पर 200 करोड़ रुपये का ऋण, कर में छूट और सब्सिडी दर पर जमीन और बिजली दी गई है।

उसे कार पर केंद्रीय बिक्री कर में छूट और वैट का रिफंड भी दिया जाएगा। इन रियायतों पर से पर्दा उठ जाने से खुद कंपनी घेरे में आ सकती है। तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने आरोप लगाया कि अगर इस दस्तावेज से हो रहे खुलासों पर नजर डालें तो पता चलता है कि इस 1 लाख रुपये की कार पर राज्य सरकार 25 फीसदी से ज्यादा की सब्सिडी दे रही है।

First Published : September 13, 2008 | 1:35 AM IST