सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अध्यक्ष एंव प्रबंध निदेशक एस के रूंगटा ने कहा है कि देश का स्टील उद्योग इस समय दोतरफा चुनौतियों से जूझ रहा है।
कंपनी की 36 वीं वार्षिक बैठक के मौके पर शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सेल दीर्घकालीन सतत विकास के लिए निर्णायक तौर पर आगे बढ़ रही है। देसी स्टील उद्योग के लिए यह आसान दौर नहीं है। एक ओर तो कच्चे माल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है इससे कंपनियों की लागत बढ़ रही है। इससे उनकी लागत बढ़ रही है।
वहीं महंगाई रोकने की सरकारी कवायद में स्टील कंपनियां सरकार के साथ सहयोग कर रही हैं। इस नाते वे कीमतें नहीं बढ़ा रही हैं। महंगाई को मापने वाले थोक मूल्य सूचकांक में स्टील का भार 3.63 फीसदी जो कि अच्छा खासा है। ऐसे में स्टील की कीमतों में तेजी से महंगाई दर का और बेकाबू होना लाजिमी ही है। सरकारी कंपनी होने के नाते सेल की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
इस मौके रूंगटा ने कहा, ‘एक तरफ कच्चे माल की तेजी से बढ़ रही कीमतों का दबाव है तो दूसरी ओर महंगाई दर को काबू में करने के लिए कीमतों को नियंत्रित रखने की जरूरत है।’ उनका कहना है कि स्टील कंपनियों ने सरकार की चिंता को समझा है।
हालांकि मौजूदा परिदृश्य पर चिंता जताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि दोबारा संसाधन जुटाने के लिए मुनाफा बनाना स्टील कंपनियों के लिए एक कड़ी चुनौती बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बात का ध्यान रखना होगा कि देश कहीं विशुद्ध आयातक न बन जाए। कंपनी के बारे में उन्होंने कहा कि कंपनी ने कई क्षेत्रों में सफलता की नई इबारत लिखी है।