एटीएफ के दाम घटने के बाद भी कम नहीं होगा किराया

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 6:44 PM IST

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की घटती कीमतों के कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) में भी 10 फीसदी की गिरावट आने की संभावना है।


लेकिन इस एटीएफ की कीमत में इस गिरावट का फायदा यात्रियों को नहीं मिलने वाला है क्योंकि विमानन कंपनियां किराया कम करने के मूड में नहीं दिख रही हैं। अगर एटीएफ की कीमत में गिरावट आती है तो यह पिछले पांच महीनों में पहली बार होगा।

दरअसल पिछले पांच महीनों में एटीएफ की कीमतों में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत अप्रैल में जहां 105.77 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं जुलाई में यह कीमत बढ़कर 132.47 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी।

11 जुलाई को तो कच्चे तेल की कीमत ने 147 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा भी पार कर लिया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ की कीमत भी कच्चे तेल की कीमत के हिसाब से ही बढ़ी। सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘तेल की औसत कीमत और एटीएफ के दामों में पिछले महीने की तुलना में इस महीने गिरावट आई है। अगर यह गिरावट कायम रही तो एटीएफ के दामों में 10 फीसदी तक की गिरावट भी हो सकती है।’

विमानन कंपनियों की परिचालन में आने वाली कुल लागत में से 45 फीसदी हिस्सा एटीएफ का ही होता है। अगर एटीएफ के  दाम में 10 फीसदी की गिरावट होती है तो कंपनियों को परिचालन में आने वाली लागत में लगभग 4.5 फीसदी की बचत होगी। इससे 2008-09 वित्त वर्ष में इन कंपनियों का घाटा अनुमानित 8,000 करोड़ रुपये से कम होगा।

लेकिन विमानन कंपनियां ग्राहकों को कुछ भी राहत देने के मूड में नहीं हैं। विमानन कंपनियों ने एटीएफ की कीमत क म होने के बाद भी किराए में कमी नहीं करेंगी। सस्ती विमानन सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी स्पाइस जेट के अधिकारियों ने कहा कि सिर्फ एक महीने ईंधन की कीमत में कमी होने से उनकी वित्तीय हालत में ज्यादा सुधार नहीं होने वाला है।

कंपनी ने तेल विपणन कंपनियों द्वारा एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी होने के बाद से लगभग हर महीने ही किराए में बढ़ोतरी की है। जेट एयरवेज के मुख्य कार्यकारी वोल्फगैंग प्रॉक शॉवर ने कहा, ‘एटीएफ की कीमत में 5-10 फीसदी की गिरावट होने से किराए में कोई कमी नहीं की जाएगी।’ इससे पहले जब भी एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है,जिससे यात्रियों पर ही बोझ पड़ा है और इससे यात्रियों की संख्या में भी गिरावट आई है।

हालांकि कंपनियों को आने वाले महीनों में कंपनियों को और राहत मिल सकती हैं। विश्लेषकों के अनुसार अगले कुछ महीनों में तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच सकती हैं।

First Published : August 26, 2008 | 2:26 AM IST