फ्रिज आयात पर सख्ती होगी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 6:22 PM IST

भारत सरकार स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए रेफ्रिजरेटरों के आयात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। दो उद्योग सूत्रों ने बताया कि इससे 5 अरब डॉलर के भारतीय बाजार में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंक की आपूर्ति रुक सकती है।
अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर सूत्रों ने कहा कि सरकार यह प्रावधान करने पर विचार कर रही है कि आयातकों को अधिकारियों से लाइसेंस हासिल करने की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही वह मौजूदा मुक्त आयात व्यवस्था को बदलने की तैयारी कर रही है।
सरकारी बातचीत की सीधी जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि बाद में रेफ्रिजरेटरों के आयात पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है ताकि भारत में मूल्यवर्द्धित कारोबार के लिए अवसर पैदा किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार एक महीने के भीतर कोई निर्णय ले लेगी। उन्होंने कहा, ‘सरकार की मंशा आयात के बजाय भारत में विनिर्माण करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहित करना है।’
इस मुद्दे पर टिप्पणी के लिए भारत के वाणिज्य मंत्री तत्काल उपलब्ध नहीं हो सके।
सैमसंग और एलजी के प्रवक्ताओं ने भी इस मुद्दे पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
एक अन्य अ​धिकारी ने कहा कि लाइसेंसिंग व्यवस्था से मंजूरी संबं​धित समस्या और आयात में विलंब का जो​खिम पैदा हो जाएगा।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, भारत का रेफ्रिजरेटर बाजार 5 अरब डॉलर से अ​धिक का है और इसमें सैमसंग तथा एलजी जैसी विदेशी कंपनियां टाटा समूह की वोल्टास समेत कई घरेलू दिग्गजों को प्रतिस्पर्धी चुनौती पैदा कर रही हैं।
अ​धिकारी ने कहा कि भारत की सालाना फि्रज निर्माण क्षमता करीब 2.4 करोड़ यूनिट थी, लेकिन अब मांग सिर्फ 1.5 करोड़ थी, जिसका कुछ हिस्सा ही आयात के जरिये पूरा किया जाता है।
सरकार ने रेफ्रिजरेटर आयात के आंकड़े जारी नहीं किए हैं, हालांकि एक अन्य अ​धिकारी ने कहा कि सैमसंग और एलजी जैसी कंपनियां हर साल हजारों की तादाद में अत्याधुनिक रेफ्रिजरेटर आयात करती हैं।

डालमिया सीमेंट क्षमता बढ़ाएगी
डालमिया भारत लिमिटेड सीमेंट की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने को लेकर अगले कुछ साल में 9,000 करोड़ रुपये से अधिक पूंजी व्यय करेगी। कंपनी ने कहा कि बुनियादी ढांचा और आवास क्षेत्रों पर सरकार का जोर सीमेंट उद्योग के लिए ‘उम्मीद’ पैदा करता है। डालमिया भारत लिमिटेड की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, बजट में सरकार के लगातार पूंजीगत व्यय में वृद्धि, विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और आवास क्षेत्र के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता से देश में सीमेंट की मांग बढ़ने की उम्मीद है। डालमिया भारत ने कहा, एक मजबूत भारत के निर्माण के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप हम अगले कुछ साल में 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी व्यय के लिए प्रतिबद्ध है।    

First Published : June 10, 2022 | 12:37 AM IST