थॉमस कुक अपने कारोबारी रणनीति में बदलाव करते हुए घरेलू और छोटी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर जोर दे रही है। आसपास के देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा कारोबार कंपनी के राजस्व में यूरोप या अमेरिका जैसी लंबी दूरी की यात्राओं के मुकाबले कहीं अधिक योगदान करता है। कंपनी ऐसे समय में यह पहल कर रही है जब दूतावासों में कर्मचारियों की कमी के कारण शेंजेन वीजा प्रक्रियाओं में देरी हो रही है।
कैलेंडर वर्ष 2019 के दौरान अवकास श्रेणी के राजस्व में लंबी दूरी की यात्राओं का योगदान करीब 60 फीसदी रहा जबकि कम दूरी की यात्र और घरेलू यात्रा कारोबार का योगदान करीब 40 फीसदी रहा। साल 2022 में यह रुझान बिल्कुल बदल गया और राजस्व में लंबी दूसरी की यात्रा कारोबार का योगदान 40 फीसदी रहा जबकि कम दूरी एवं घरेलू यात्रा कारोबार का योगदान बढ़कर 60 फीसदी हो गया। अवकाश श्रेणी की यात्राओं में व्यक्तिगत, पारिवारिक अथवा सामूहिक सैर-सपाटा शामिल हैं। इसमें कॉरपोरेट अथवा एमआईसीई (मीटिंग, इनसेंटिव, कॉन्फ्रेंस, एग्जिविशन) को शामिल नहीं किया जाता है। थॉमस कुक इंडिया के प्रबंध निदेशक माधवन मेनन ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि आगे चलकर घरेलू और कम दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से इस साल हमारी वृद्धि को रफ्तार मिलेगी। थाइलैंड और वियतनाम के लिए कहीं अधिक सीधी उड़ानों के साथ कनेक्टिविटी बढ़ रही है। हालांकि यूरोप के लिए मांग लगातार मजबूत बनी हुई है लेकिन हमें वीजा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मैं समझता हू्ं कि वीजा के मोर्चे पर स्थिति सामान्य होने में अभी दो महीने और लगेंगे। ऐसे में हमारे लिए लंबी दूसरी वाली अंतरराष्ट्रीय यात्रा श्रेणी में वृद्धि की रफ्तार फिलहाल सुस्त रहेगी।’
थॉमस कुक बैंकॉक अथवा बाली जैसे गंतव्यों के लिए ध्यान केंद्रित कर रही है और भारतीय यात्रियों को आकर्षित करने के लिए इन क्षेत्रों के प्रयास भी थॉमस कुल की योजना के अनुरूप है। जनवरी से मई के बीच थाइलैंड जाने वाले विदेशी पर्यटकों के मोर्चे पर भारत ने 1,00,000 यात्रियों के साथ चीन को पीछे छोड़ दिया है। इसमें हवाई संपर्क में बढ़ोतरी और प्रवेश प्रतिबंधों में छूट आदि कई सकारात्मक कारक दिख रहे हैं। वियतजेट और वियतनाम एयरलाइंस ने नॉन-स्टॉप हवाई सेवा के लिए नई उड़ानें शुरू की हैं।
लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्रा श्रेणी में वृद्धि अब वॉल्यूम के बजाय मूल्य से संचालित हो रही है।