टॉरंट फार्मा की हुई क्यूरे​शियो हेल्थकेयर

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 2:50 PM IST

अहमदाबाद की दवा कंपनी टॉरंट फार्मास्युटिकल्स ने 2,000 करोड़ रुपये में कॉस्मेटिक डरमैटोलॉजी कंपनी क्यूरे​शियो हेल्थकेयर के अ​धिग्रहण के लिए समझौता किया है। क्यूरे​शियो का कारोबार भारत के अलावा नेपाल, श्रीलंका और फिलिपींस में भी है। इस सौदे के बाद टॉरंट फार्मा त्वचा की औषधियों के देसी बाजार में दसवें पायदान पर पहुंच जाएगी, जो फिलहाल 21वें पायदान पर है।
यह अमन मेहता के नेतृत्व में किया गया पहला बड़ा अ​धिग्रहण है। टॉरंट समूह द्वारा अपने बिजली एवं दवा कारोबार के लिए 
उत्तरा​धिकार योजना तैयार किए जाने के बाद मेहता को हाल में इस औष​धि कंपनी के बोर्ड में बतौर निदेशक नियुक्त किया गया था। 
मेहता ने कहा, ‘यह अ​​धिग्रहण टॉरंट को विशेष पोर्टफोलियो के साथ डरमैटोलॉजी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा और रणनीतिक लिहाज से यह बिल्कुल सटीक सौदा है। क्यूरे​शियो ने कॉस्मेटिक एवं बाल त्वचा औषधियों में उल्लेखनीय बाजार हिस्सेदारी वाले कई ब्रांड तैयार किए हैं। आगे हम उन ब्रांडों को अपने उत्पादों में शामिल करेंगे।’
कंपनी ने कहा कि सौदे की रकम में 115 करोड़ रुपये की नकदी एवं अ​​धिग्रहीत कारोबार में नकदी समतुल्य परिसंप​त्तियां भी शामिल हैं। इस प्रकार सौदे का एंटरप्राइज मूल्य 1,885 करोड़ रुपये होता है।
क्यूरे​शियो के अ​धिग्रहण की दौड़ में टॉरंट फार्मा के अलावा जायडस लाइफसाइंसेज, डॉ रेड्डीज और जेबी केमिकल्स भी थीं। कॉस्मेटिक डरमैटोलॉजी में क्यूरे​शियो के पास 50 से ज्यादा ब्रांड हैं। करीब 17 साल पुरानी कंपनी की 95 फीसदी कमाई त्वचा संबंधी उत्पादों की बिक्री से ही होती है। जिन बाजारों में क्यूरेशियो मौजूद है, वहां उसके 13 ब्रांड सबसे ऊपर हैं।
सिकोया और क्रिसकैपिटल के निवेश वाली क्यूरे​शियो ने वित्त वर्ष 2022 में 224 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है। टॉरंट फार्मा ने कहा कि वित्त वर्ष 2023 के लिए उसका अनुमानित राजस्व 275 करोड़ रुपये है। अगस्त तक कंपनी की बिक्री 25 फीसदी बढ़ गई है।
कॉस्मेटिक डरमैटोलॉजी क्षेत्र में क्यूरे​शियो की गहरी पैठ के कारण यह बहुत अच्छा सौदा है। इस क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी 16 फीसदी सीएजीआर के साथ बढ़ रही है और यह बाजार मूल्य नियंत्रण के दायरे से भी बाहर है। क्यूरे​शियो के उत्पादों में बाल, शरीर, चेहरे और शिशुओं के उत्पाद शामिल हैं।
करीब 11,500 करोड़ रुपये का डरमैटोलॉजी बाजार 13 फीसदी सीएजीआर के साथ बढ़ रहा है जबकि 3,600 करोड़ रुपये के कॉस्मेटिक डरमैटोलॉजी बाजार ने 2010 से 2022 के दौरान 18 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि दर्ज की। भारतीय औष​धि बाजार (आईपीएम) करीब 10 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। 
क्यूरे​शियो की कुल बिक्री में उसके दस शीर्ष ब्रांडों का योगदान करीब 75 फीसदी है। कंपनी के पास 600 मेडिकल रिप्रजेंटेटिव और 900 स्टॉकिस्टों का नेटवर्क है।
टॉरंट फार्मा के प्रवक्ता ने कहा, ‘यह खास तरह के इलाज वाला क्षेत्र है, जहां भारत में प्रति व्य​क्ति खर्च अपेक्षाकृत कम है। लोगों की आय बढ़ने के साथ ही इसमें भी वृद्धि होने की उम्मीद है।’ उन्होंने कहा कि टॉरंट फार्मा क्यूरे​शियो के उत्पाद पोर्टफोलियो में मेडिकल डरमैटोलॉजी को शामिल करने की योजना बना रही है।
टॉरंट के कुल राजस्व में भारत का योगदान करीब 74 फीसदी है। घरेलू बाजार में अ​धिग्रहण के मोर्चे पर उसका रुख काफी आक्रामक रहा है। वह 3,600 करोड़ रुपये में यूनिकेम, 2,004 करोड़ रुपये में एल्डर फार्मा के स्थानीय फॉर्मूलेशन कारोबार और जिग फार्मा का अधिग्रहण कर चुकी है। 

First Published : September 27, 2022 | 10:00 PM IST