बुनियादी ढांचा सुधरे तो भारत आ जाएगी टोयोटा की प्रायस

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 8:02 PM IST

देश में बुनियादी ढांचे की कमी कई विदेशी कार कंपनियों के शानदार मॉडलों को भारत आने से रोक रही है।


टोयोटा किर्लोस्कर को भी लगता है कि अगर बुनियादी ढांचा सुधर जाए, तो उसकी मशहूर कार प्रायस भारत की  सड़कों पर दौड़ सकती है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्राइवेट लिमिटेड के उप प्रबंध निदेशक मार्केटिंग संदीप सिंह ने स्वीकार किया कि प्रायस को यहां लाना कंपनी के लिए अच्छा होगा, लेकिन उसके लिए हालात माकूल नहीं हैं।

कंपनी की नई कार ‘करोला एल्टिस’ को भारतीय बाजार में पेश करते हुए सिंह ने कहा, ‘पूरी तरह बनी हुई कार के तौर पर इस हाइब्रिड कार को देश में लाना हमारे लिए आसान है, लेकिन यहां उनके इंजन को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशनों की ही किल्लत हो जाएगी। खास तौर पर राजमार्गों पर तो ये स्टेशन मिलेंगे ही नहीं।’

उन्होंने कहा कि इसी वजह से प्रायस को भारत में लाना मुश्किल है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में भारत के बाजार का अध्ययन किया जा रहा है। प्रायस अमेरिका और उत्तर अमेरिका में कंपनी के सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडलों में शुमार है। टोयोटा को अमेरिका में इस साल कम से कम 2 लाख प्रायस बिकने की उम्मीद है।

टोयोटा को एल्टिस आने के बाद अपनी बिक्री में भी अच्छे खासे इजाफे की उम्मीद है। कंपनी को लगता है कि बेहतर मार्केटिंग और नए मॉडलों के जरिये वह चालू वित्त वर्ष में 63,000 वाहन बेच लेगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक हिरोशी नकागावा ने नई कार करोला एल्टिस भारतीय बाजार में उतारते हुए कहा कि इस कार के जरिये उन्हें बिक्री की रफ्तार तेज होने का यकीन है।

उन्होंने कहा, ‘पिछले साल हमने भारत में 50,000 वाहन बेचे थे। इस साल हम 63,000 का आंकड़ा छू सकते हैं। एल्टिस से हमें खास उम्मीद है।’ उन्होंने कहा कि कंपनी को करोला एल्टिस की हर महीने 2,000 यूनिट बिकने की उम्मीद है। दिल्ली में 10.83 लाख से 12.86 लाख रुपये की कीमत वाली इस कार की अगले कैलेंडर वर्ष में 20,000 यूनिट बिकने की कंपनी उम्मीद लगा रही है।

टोयोटा किर्लोस्कर की योजना 2015 तक भारतीय कार बाजार में 10 फीसद हिस्सेदारी हासिल करने की है। नकागावा ने कहा कि इसके लिए कंपनी 2010 तक छोटी कार भी उतार देगी। हालांकि छोटी कार की कीमत वगैरह के बारे में उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

First Published : September 6, 2008 | 12:02 AM IST