नकदी संकट से जूझ रहे टेलीकॉम ऑपरेटर के बोर्ड ने 45,000 करोड़ रुपये का फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है। लेकिन ये फैसला भी नाकाफी नजर आता दिख रहा है, क्योंकि इतनी भारी रकम जुटाने के प्लान के बाद भी 28 फरवरी को वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 12 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
शेयर की बात करें तो सुबह 10.50 बजे एनएसई पर वोडाफोन आइडिया का शेयर 14 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
कंपनी ने कहा कि वह इक्विटी या इक्विटी-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपये जुटाएगी और बाकी लोन से और प्रमोटर भी प्रस्तावित फंड जुटाने में भाग लेंगे।
वोडाफोन आइडिया ने कहा कि वह 2 अप्रैल को अपने शेयरधारकों की बैठक बुलाएगी और उनकी मंजूरी मिलने के बाद उसे आने वाली तिमाही में इक्विटी फंड जुटाने का काम पूरा करने की उम्मीद है।
28 फरवरी को, वोडाफोन आइडिया के शेयर एनएसई पर 4.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16.1 रुपये पर बंद हुए। हालांकि, 22 फरवरी को फंड जुटाने पर विचार करने वाले निदेशक मंडल की घोषणा के बाद से, कंपनी के शेयरों में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा, “प्रस्तावित फंड जुटाने का मकसद ऑपरेटिंग मेट्रिक्स में उल्लेखनीय सुधार है। कंपनी पिछले 10 तिमाहियों से अपने 4जी ग्राहक आधार और एआरपीयू को लगातार बढ़ाने में कामयाब रही है।”
वित्तीय वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में, दूरसंचार ऑपरेटर ने 6,985.9 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 7,990 करोड़ रुपये की तुलना में 12.56 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। हालाँकि, इसका राजस्व 10,673.1 करोड़ रुपये रहा, जो कि एक साल पहले की अवधि से 0.49 प्रतिशत अधिक है।
वोडाफोन आइडिया आदित्य बिड़ला समूह और वोडाफोन समूह के बीच एक साझेदारी है। कंपनी 2जी, 3जी और 4जी प्लेटफॉर्म पर अखिल भारतीय वॉयस और डेटा सेवाएं प्रदान करती है।