भारत में कर्मचारियों की छंटनी लगातार बढ़ती जा रही है। Byju’s में छंटनी के बाद ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म Zomato भी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की योजना बना रही है। कंपनी की लागत और खर्च को कम करने के लिए Zomato लगभग 3 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, छंटनी में टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग विभाग के ज्यादातर कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अपने रेगुलर बेसिस पर 3 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करेगी और यह कोई बड़ी बात नहीं है।
वर्तमान में कंपनी में 3,800 कर्मचारी काम करते हैं।
बता दें कि कंपनी ने 2020 में कोरोना महामारी के दौरान 520 कर्मचारियों को बाहर निकाल कर 13 फीसदी कार्यबल को कम कर दिया था।
Zomato की तरफ से यह सूचना इसके सह-संस्थापक (co-founder) मोहित गुप्ता द्वारा इस्तीफा देने के एक दिन बाद आई है। गुप्ता से पहले भी कंपनी के दो और बड़े अधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
मोहित के इस्तीफे से ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म को एक बड़ा झटका मिला है। बता दें कि गुप्ता करीब साढ़े चार सालों से Zomato के साथ थे। उन्हें फूड डिलीवरी बिजनेस के CEO पोस्ट से प्रमोशन दिया गया था और वह कंपनी के को-फाउंडर पद पर थे।
मोहित से पहले जोमैटो के न्यू इनीशिएटिव हेड राहुल गंजू ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। उनके अलावा सात नवंबर को ग्लोबल ग्रोथ के Vice-President सिद्धार्थ झावर ने भी अपना पद छोड़ दिया था।
बता दें कि इससे पहले, Zomato ने घोषणा की थी कि वह United Arab Emirates में अपनी फूड डिलिवरी बंद कर देगी।
Amazon, Twitter, Meta जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा छंटनी के बीच भारतीय कंपनियां कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं। इन कंपनियों में ज्यादातर टेक कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के साथ-साथ स्टार्ट-अप भी अपने कार्यबल को लगातार कम करने की कोशिश कर रहे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक, इस साल लगभग 20,000 लोग, जो स्टार्ट-अप में काम करते थे, वे अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। वहीं, पहले से ही स्थापित बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भी इस साल कुल मिलाकर लगभग 30,000 लोगों को बाहर निकाल दिया है।