फूड एग्रीगेटर कंपनी जोमैटो को वित्त वर्ष -2022-23 की पहली तिमाही को 186 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। यह वित्त वर्ष-2021-22 की पहली तिमाही के 359 करोड़ रुपये और चौथी तिमाही के 359.7 करोड़ रुपये से कम है।
सालाना आधार पर इस तिमाही के लिए राजस्व में 67.45 फीसदी वृद्धि के साथ कुल 1413.9 करोड़ रुपये मिले है। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 16.7 फीसदी की वृद्धि हुई है।
कंपनी की विज्ञप्ति के अनुसार पिछली तिमाही की तुलना में राजस्व में 10 फीसदी की वृद्धि हुई है। जिससे ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 64.3 अरब पहुच गया है।
कंपनी के प्रबंधन के अनुसार पिछली तिमाही में इसके एबिटडा में सुधार हुआ है। इसके ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू में भी पिछली तिमाही के 1.7 फीसदी के मुकाबले 2.8 फीसदी की वृद्धि हुई है।
कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी दीपिंदर गोयल के अनुसार- किसी कंपनी को को चलाने के लिए फोकस और मानसिकता प्रमुख वाहक होते है और अब हमारा पूरा ध्यान बाजार को देखते हुए लाभ प्राप्त करने पर है। अब हमारी सारा ध्यान कंपनी के दीर्घावधि सतत विकास और लाभ पर केंद्रित है। हालांकि प्रबंधन ने परिचालन व्यय और मुद्रास्फीति को लेकर आगाह किया है।
जोमैटो के सीएफओ के अनुसार- हमारे व्यापार में मांग पक्ष से नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उच्च ईंधन लागत और मुद्रास्फीति के कारण हमारी लागत भी बढ़ी है। लेकिन फिर भी हमारी बेहतर प्रभावशीलता के कारण मार्जिन में सुधार होगा।