वित्त मंत्रालय के तहत व्यय विभाग (Department of Expenditure) ने मंगलवार को राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के लिए 22 राज्यों को 60,876.8 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधारी को मंजूरी दे दी। इस रकम की इजाजत सरकार की तरफ से साल 2023-24 के लिए दी गई है। घोषणा के अनुसार, यह 2023-24 के लिए शुद्ध उधार सीमा (net borrowing ceiling) से ज्यादा होगी।
राज्यों के लिए सामान्य शुद्ध उधार सीमा (normal net borrowing ceiling) उनके सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की 3 प्रतिशत तय की गई है। GSDP वर्तमान में 8.59 लाख करोड़ रुपये है। मंत्रालय ने 2023-24 के दौरान ओपन मार्केट से उधारी (OMB) के लिए 6.99 लाख करोड़ रुपये और आपसी सहमति के बाद तय लोन प्राप्त करने के लिए 69,370.81 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी भी दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने राज्य सरकारों के लिए अतिरिक्त उधारी की लिमिट को भी बढ़ा दिया है। अब राज्य सरकारें NPS के लिए 3 फीसदी GSDP की लिमिट से ज्यादा उधारी ले सकती हैं।
इससे पहले जून में, केंद्र ने बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए 12 राज्यों को 66,413 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन (additional financial incentives ) को मंजूरी दी थी।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2021-22 में इस पहल की घोषणा की थी। इस पहल के तहत, राज्यों को 2021-22 से 2024-25 तक चार साल की अवधि के लिए सालाना GSDP की 0.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त उधार लेने के लिए मंजूरी मिली है।
मंगलवार को, मंत्रालय ने कहा कि उसने बिजली क्षेत्र में प्रदर्शन से जुड़े 2021-22 में 12 राज्यों को 39,175 करोड़ रुपये और 2022-23 में 6 राज्यों को 27,238 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधार लेने की अनुमति दी है।
2023-24 के लिए, राज्य बिजली मंत्रालय की सिफारिश पर 1.43 लाख करोड़ रुपये उधार लेने के एलिजिबल हैं।