‘भारत की अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनना चाहती हैं अमेरिकी कंपनियां’

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 4:13 PM IST

 भारत-अमेरिका व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) के अध्यक्ष अतुल केशप का मानना है कि अमेरिकी कंपनियां भारत के 30,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य का हिस्सा बनने को तैयार हैं।

भारत पर केंद्रित अमेरिका के व्यापार समूह का मानना है कि भारत इस समय अर्थव्यवस्था और समृद्धि के लिहाज से दुनिया के शीर्ष नेतृत्व का हिस्सा बनने की राह पर है।

केशप ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि 21वीं सदी के हर दशक में भारत आगे बढ़ेगा। यह यदि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं है, तो भी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में आता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि भारतीय अधिकारी 30,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की बात करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत के पास इसकी क्षमता है। वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में भारत का हिस्सा 25 प्रतिशत है। केशप ने कहा कि अमेरिका की कंपनियां काफी रोमांचित हैं और वे भारत की इस महत्वाकांक्षी यात्रा का हिस्सा बनना चाहती हैं। केशप का यह बयान नयी दिल्ली में छह और सात सितंबर को होने वाली ‘इंडिया आइडियाज समिट’ से पहले आया है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अमेरिकी चाहते हैं कि लोकतंत्र सफल हो। मुझे भारत-अमेरिका संबंधों का भविष्य काफी अच्छा नजर आता है।’

First Published : August 28, 2022 | 11:34 AM IST