अर्थव्यवस्था

Fiscal Deficit: 2023-24 की पहली छमाही में फिस्कल डेफिसिट 7.02 लाख करोड़ रुपए पर

सरकार की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही का फिस्कल डेफिसिट पूरे साल के अनुमान का 39.3 प्रतिशत रहा।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- October 31, 2023 | 5:18 PM IST

Fiscal Deficit: केंद्र सरकार का फिस्कल डेफिसिट चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान बढ़कर 7.02 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो अप्रैल-अगस्त में 6.43 लाख करोड़ रुपये था। सरकार की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

बता दें कि 7.02 लाख करोड़ रुपये पर चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के लिए फिस्कल डेफिसिट पूरे साल के लक्ष्य 17.87 लाख करोड़ रुपये का 39.3 प्रतिशत हो गया है। वहीं, बीते वित्त वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि के लिए राजकोषीय घाटा 2022-23 के लक्ष्य का 37.3 प्रतिशत था।

चालू वित्त वर्ष के दौरान केंद्र ने फिस्कल डेफिसिट को पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 6.4 फीसदी यानी 17.87 लाख करोड़ रुपये पर बनाए रखने का लक्ष्य रखा है।

एक साल पहले की अवधि की तुलना में कम रहा फिस्कल डेफिसिट

लगातार दूसरे महीने केंद्र का राजकोषीय घाटा एक साल पहले की अवधि की तुलना में कम रहा है। यह सितंबर में 59,035 करोड़ रुपये था, जो सालाना आधार पर 25 प्रतिशत कम था। इसे टैक्स कलेक्शन में निरंतर मजबूत वृद्धि से सहायता मिली है।

टैक्स कलेक्शन मजबूत

सितंबर में भारत सरकार का नेट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 14.3 प्रतिशत बढ़कर 3.56 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसका कारण कॉर्पोरेट कर संग्रह 26.6 प्रतिशत बढ़कर 2.12 लाख करोड़ रुपये और व्यक्तिगत आयकर संग्रह 15.6 प्रतिशत बढ़कर 91,247 करोड़ रुपये होना है।

क्या होता है फिस्कल डेफिसिट ?

फिस्कल डेफिसिट दरअसल सरकार के खर्च और रेवेन्यू के बीच का अंतर होता है। लेखा महानियंत्रक (CGA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह सितंबर 2023 के अंत में 7.02 लाख करोड़ रुपये रहा।

सरकार ने केंद्रीय बजट में चालू वित्त वर्ष 2023-24 में फिस्कल डेफिसिट को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 5.9 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा है। 2022-23 में फिस्कल डेफिसिट भारत की जीडीपी का का 6.4 प्रतिशत था जबकि पहले इसके 6.71 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था।

First Published : October 31, 2023 | 5:02 PM IST