अर्थव्यवस्था

बीते वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा GDP के 6.4 फीसदी पर पहुंचा

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भाषा   
Last Updated- May 31, 2023 | 4:52 PM IST

केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा बीते वित्त वर्ष 2022-23 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 6.4 प्रतिशत रहा। वित्त मंत्रालय के संशोधित अनुमान में भी राजकोषीय घाटा इतना ही रहने का लक्ष्य रखा गया था। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

लेखा महानियंत्रक (CGA) ने केंद्र सरकार के 2022-23 के राजस्व-व्यय का आंकड़ा जारी करते हुए कहा कि मूल्य के हिसाब से राजकोषीय घाटा 17,33,131 करोड़ रुपये (अस्थायी) रहा है। सरकार अपने राजकोषीय घाटे को पाटने के लिए बाजार से कर्ज लेती है।

CGA ने कहा कि राजस्व घाटा GDP का 3.9 फीसदी रहा है। वहीं प्रभावी राजस्व घाटा GDP का 2.8 फीसदी रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को पेश आम बजट में 2023-24 में राजकोषीय घाटे को GDP के 5.9 फीसदी पर सीमित करने का लक्ष्य रखा है।

First Published : May 31, 2023 | 4:44 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)