अर्थव्यवस्था

फिस्कल डेफिसिट 2023 के अंत तक वार्षिक अनुमान का 55 प्रतिशत: सरकारी आंकड़े

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सरकार का राजकोषीय घाटा 17.86 लाख करोड़ रुपये या जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 5.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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भाषा   
Last Updated- January 31, 2024 | 7:31 PM IST

केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा दिसंबर, 2023 के अंत में 9.82 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो वार्षिक बजट अनुमान का 55 प्रतिशत है। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। पिछले साल इसी अवधि में राजकोषीय घाटा 2022-23 के बजट अनुमान का 59.8 प्रतिशत था।

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सरकार का राजकोषीय घाटा 17.86 लाख करोड़ रुपये या जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 5.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

सीजीए के अनुसार, शुद्ध कर राजस्व प्राप्तियां दिसंबर, 2023 के अंत में 17.29 लाख करोड़ या पूरे वर्ष के लक्ष्य का 74.2 प्रतिशत थीं। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 80.4 प्रतिशत था।

केंद्र सरकार का अप्रैल-दिसंबर की अवधि के दौरान कुल व्यय 30.54 लाख करोड़ रुपये या चालू वर्ष के बजट अनुमान (बीई) का 67.8 प्रतिशत था। पिछले वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में व्यय बजट अनुमान का 71.4 प्रतिशत था।

राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग को जारी रखते हुए सरकार का इरादा 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य है।

First Published : January 31, 2024 | 7:31 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)