नीलसनआईक्यू ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा है कि अप्रैल-जून तिमाही में डिब्बाबंद फूड्स, बेवरेजेज और साबुन, शैम्पू जैसे एफएमसीजी उत्पादों की खपत शहरी बाजारों में सुधरी, लेकिन ग्रामीण भारत में दबाव बना रहा, क्योंकि लोगों ने छोटे पैक की खरीदारी पर ज्यादा जोर दिया। कुल मिलाकर, बिक्री मार्च तिमाही के -4.1 प्रतिशत से सुधरकर -0.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। एफएमसीजी बाजार जून तिमाही में 10.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 6 प्रतिशत था।
नीलसनआईक्यू ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है, ‘उद्योग ने कीमत-आधारित वृद्धि के साथ साथ बिक्री में भी बड़ा सुधार दर्ज किया है।’ मॉडर्न यानी नए जमाने के कारोबार में शामिल हाइपरमार्केट और सुपरमार्केट ने लगातार बिक्री वृद्धि (जनवरी-मार्च के 5.5 प्रतिशत की तुलना में अप्रैल-जून में 7.8 प्रतिशत) दर्ज की। वहीं पारंपरिक कारोबार में शामिल किराना स्टोरों अप्रैल-जून में सुधार दर्ज किया और इनके लिए आंकड़ा -4.9 प्रतिशत से सुधरकर -1.5 प्रतिशत हो गया। पूरे क्षेत्र के लिए यूनिट वृद्धि जून तिमाही में फिर से सुधरकर 8.9 प्रतिशत हो गई, जो मार्च के अंत में 1.5 प्रतिशत थी, जिससे संकेत मिलता है कि उपभोक्ता छोटे पैक खरीद रहे हैं। भारत में नीलसनआईक्यू के प्रबंध निदेशक सतीश पटेल ने कहा, ‘कुल मिलाकर, इस तिमाही में एफएमसीजी की सभी श्रेणियों में खपत संबंधित सुधार दिख रहा है। शहरी बाजारों में सकारात्मक खपत वृद्धि का रुझान दिखा है, और ग्रामीण बाजार भी इनके नक्शे कदम पर चल रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘यह पिछली दो तिमाहियों की खपत संबंधित गिरावट से अलग है और उपभोक्ताओं में सतर्कता के साथ उम्मीद बढ़ने का संकेत है। साथ ही खपत में सुधार और मजबूत वृहद कारकों से भी 2022 के लिए दो अंक की वृद्धि के संबंध में नीलसनआईक्यू के अनुमान को ताकत मिली है।’ नीलसनआईक्यू में कस्टमर सक्सेस लीड (भारत) सोनिका गुप्ता ने कहा, ‘फूड और गैर-फूड, दोनों श्रेणियों में औसत पैक आकार वृद्धि में कमी आई है और उपभोक्ता लगातार छोटे आकार के पैकेटों को पसंद कर रहे हैं। पैकेटों के वजन में भी कमी को बढ़ावा मिला है। निर्माता और रिटेलरों को बदलती उपभोक्ता पसंद का ध्यान रखना चाहिए और अधिकतम स्टोरों में छोटे पैक की उपलब्धता सुनिश्चित कर अपने पोर्टफोलियो का प्रबंधन करना चाहिए।’फूड सेगमेंट ने अप्रैल-जून तिमाही में 1.8 प्रतिशत की अच्छी बिक्री वृद्धि दर्ज की, जबकि गैर-फूड पर दबाव बना रहा और इसमें मामूली सुधार दर्ज किया गया।
परफ्यूम्ड डियोड्रेंट और इत्र जैसी नॉन-इसेंशियल पर्सनल केयर श्रेणियों ने गर्मी के मौसम की वजह से 40 प्रतिशत से ज्यादा बिक्री वृद्धि दर्ज की। नीलसनआईक्यू ने अनुमान जताया है कि एफएमसीजी क्षेत्र इस साल 8-10 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा।