देश के प्रमुख बंदरगाहों (seaports) ने 2022-23 में 79.5 करोड़ टन माल संभाला, जो अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में सचिव सुधांश पंत ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि लगभग 5,000 करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ पोत परिवहन मंत्रालय (Ministry of Ports, Shipping and Waterways) ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए तय 3,700 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को बाजार पर चढ़ाने (मौद्रिकरण) के लक्ष्य को पार कर लिया है। पंत ने यह भी कहा कि अगले सप्ताह बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल भारत के बंदरगाहों को हरा-भरा बनाने के लिए ‘ग्रीन बंदरगाह’ की शुरुआत करेंगे।
पंत ने कहा, ‘हमारे प्रमुख बंदरगाहों ने बीते वित्त वर्ष में अब तक सर्वाधिक 79.5 करोड़ टन माल को संभाला है। यह पिछले साल की तुलना में 10 फीसदी अधिक है।’ देश के 12 प्रमुख बंदरगाह – दीनदयाल (कांडला), मुंबई, मुरगांव, न्यू मैंगलोर, कोचीन, चेन्नई, एन्नोर (कामराजार), तूतीकोरिन (वी ओ चिदंबरनार), विशाखापत्तनम, पारादीप, कोलकाता (हल्दिया सहित) और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह हैं।
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उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह (कोलकाता), दीनदयाल बंदरगाह, जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह और पारादीप बंदरगाह ने रिकार्ड कार्गो संभाला। पंत ने यह भी कहा कि अंतर्देशीय जल मार्गों के जरिये माल परिवहन समेत रखरखाव 16 फीसदी बढ़कर 12.6 करोड़ टन रहा जो 2021-22 में 10.9 करोड़ टन था।