पाम ऑयल कारोबार कब्जे की इंडोनेशिया की कवायद

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:11 PM IST

 पाम ऑयल एसोसिएशन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इंडोनेशिया भारत के पाम ऑयल बाजारों में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी पाने के लिए बेताब है, जिसका हिस्सा हाल के वर्षों में घटकर 45 प्रतिशत रह गया है।
इंडोनेशियन पाम ऑयल एसोसिएन (जीएपीकेआई) के ट्रेड ऐंड प्रमोशन डिवीजन के हेड फदहिल हसन ने कहा, ‘अप्रैल में हमारे देश में निर्यात पर अचानक प्रतिबंध लगाए जाने के कारण भारत के साथ व्यापारिक संबंध प्रभावित हुए। लेकिन मुझे लगता है कि अब हमारे पास बेहतर नीति है और जल्द ही निर्यात सामान्य हो जाएगा।
भारत इंडोनेशियाई पाम ऑयल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है। हमें विश्वास है कि देर सबेर हमारी बाजार हिस्सेदारी उस स्तर पर वापस पहुंच जाएगी, जितनी पहले थी।’घरेलू और वैश्विक खाद्य तेल व्यापार और उद्योग की सालाना वैश्विक सम्मेलन में भाग लेने के लिए हसन आगरा में हैं, जहां इस क्षेत्र के प्रमुख लोग जुटे हैं।
भारत हर साल करीब 130 से 135 लाख टन खाद्य तेल का आयात करता है, जिसमें से 80 से 85 लाख टन पाम ऑयल होता है।

First Published : September 22, 2022 | 11:10 PM IST