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बैंकों से पहले से मंजूर लोन अब आएगा UPI के दायरे में: RBI

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भाषा
Last Updated- April 06, 2023 | 6:42 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) का दायरा बढ़ाने का निर्णय किया। इसके तहत बैंकों से पहले से स्वीकृत कर्ज सुविधा को UPI से जोड़ा जाएगा। देश में UPI लोकप्रिय और मजबूत भुगतान मंच है। फिलहाल देश में खुदरा डिजिटल भुगतान में मात्रा के लिहाज से इसकी 75 फीसदी हिस्सेदारी है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की जानकारी देते हुए कहा कि देश में भुगतान डिजिटलीकरण लक्ष्यों के अनुरूप उत्पादों और सुविधाओं को विकसित करने के लिये UPI प्रणाली का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा, ‘अब जमा खातों के अलावा, बैंकों में पूर्व-स्वीकृत ऋण सुविधा से हस्तांतरण को सक्षम करके UPI के दायरे का विस्तार करने का प्रस्ताव है।’

दूसरे शब्दों में, UPI नेटवर्क बैंकों से पहले से स्वीकृत कर्ज सुविधा के जरिये रकम के भुगतान की सुविधा प्रदान करेगा। इससे इस तरह की पेशकश की लागत कम हो सकती है और घरेलू बाजार के लिये अनूठे उत्पादों के विकास में मदद मिलेगी।

दास ने मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद संवाददाताओं से कहा कि यह पहले से मंजूर कर्ज से जुड़ा है। इसका मतलब है कि बैंक की तरफ से मंजूर कर्ज सुविधा और ग्राहक अब UPI के जरिये परिचालन कर सकते हैं। फिलहाल UPI के जरिये होने वाला लेनदेन बैंकों में जमा खातों के बीच होता है। कुछ मामलों में ‘वॉलेट’ सहित प्री-पेड कार्ड के जरिये भी इसका उपयोग किया जाता है। केंद्रीय बैंक इस संबंध में जल्द ही विस्तृत निर्देश जारी करेगा।

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हाल ही में रुपे क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने की अनुमति दी गई थी। इस बारे में भारतीय बैंक संघ (IBA) के अध्यक्ष ए के गोयल ने कहा कि बैंकों में पूर्व-स्वीकृत कर्ज सुविधा को शामिल कर UPI के दायरे के विस्तार का उद्देश्य संस्थागत ऋण तक पहुंच बढ़ाना है।

पे नियरबाइ के संस्थापक, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी आनंद कुमार बजाज ने कहा कि UPI के माध्यम से बैंकों में पूर्व-स्वीकृत कर्ज सुविधाओं की अनुमति देकर UPI के दायरे का विस्तार करने का निर्णय एक सकारात्मक कदम है। इससे ग्राहकों के लिये कर्ज सुविधा तक पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे देश में डिजिटल बैंकिंग की स्वीकार्यता में तेजी आएगी।’

First Published : April 6, 2023 | 6:42 PM IST