अर्थव्यवस्था

Manufacturing PMI: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार और पड़ी धीमी, अक्टूबर में गिरकर 8 महीने के निचले स्तर पर

PMI अक्टूबर में गिरकर 55.5 पर आ गया, जो सितंबर में 57.5 था।

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भाषा   
Last Updated- November 01, 2023 | 12:49 PM IST

Manufacturing PMI: भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियां अक्टूबर में आठ महीने के निचले स्तर पर रहीं। नए ऑर्डर में नरमी से उत्पादन वृद्धि में कमी आई। बुधवार को जारी एक मासिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई।

PMI अक्टूबर में गिरकर 55.5 पर आ गया

मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (PMI) अक्टूबर में गिरकर 55.5 पर आ गया, जो सितंबर में 57.5 था। अक्टूबर में यह आठ महीने के निचले स्तर पर रहा। अक्टूबर के PMI आंकड़े में हालांकि लगातार 28वें महीने समग्र परिचालन स्थितियों में सुधार के संकेत मिले हैं। PMI की भाषा में सूचकांक का 50 से ऊपर होने का मतलब विस्तार है जबकि 50 से नीचे होना संकुचन को दर्शाता है।

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नया ऑर्डर सूचकांक एक साल के निचले स्तर पर फिसला

एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र एसोसिएट निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ‘‘नया ऑर्डर सूचकांक एक साल के निचले स्तर पर फिसल गया। कुछ कंपनियों ने अपने उत्पादों की मौजूदा मांग को लेकर चिंता जाहिर की है।’’

सर्वेक्षण के अनुसार कुल नए ऑर्डर, उत्पादन, निर्यात, खरीदारी के स्तर तथा खरीद में धीमी ही सही, पर्याप्त बढ़ोतरी हुई। नियुक्ति गतिविधि फीकी पड़ गई और कारोबारी विश्वास पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई।

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4% से भी कम कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर रखा

सर्वेक्षण के अनुसार, ‘‘अक्टूबर के आंकड़ों ने सितंबर के बाद से वृद्धि में गिरावट का संकेत है। वास्तविक सबूतों से पता चलता है कि कुछ उत्पादों की धीमी मांग और भयंकर प्रतिस्पर्धा ने तेजी को रोक दिया है।’’

नौकरियों की बात की जाए तो चार प्रतिशत से भी कम कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों को काम पर रखा और 95 प्रतिशत ने कार्यबल संख्या अपरिवर्तित रही। रोजगार सृजन की दर मामूली और अप्रैल के बाद से सबसे धीमी है। कीमतों की बात करें तो लागत दबाव बढ़ा है, जबकि ‘आउटपुट’ मूल्य मुद्रास्फीति कम हो गई।

First Published : November 1, 2023 | 12:49 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)