Shutter Stock
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के भीतर रुपये में ‘नॉन-डेलिवरेबल फॉरेन एक्सचेंज डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट’ (NDDC) व्यवस्था के विकास के लिए कदम उठाया है। इसके तहत, उन बैंकों को घरेलू बाजार में ग्राहकों को रुपये में NDDC की पेशकश करने की मंजूरी दी गई है जो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में बैंकिग इकाई (IBU) का परिचालन करते हैं।
उल्लेखनीय है कि IFSC में बैंकिंग इकाइयों (IBU) का संचालन करने वाले बैंकों को प्रवासियों के साथ रुपये में NDDC लेनदेन करने की मंजूरी पहले से है। यह व्यवस्था एक जून, 2020 से प्रभावी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि IBU को प्रवासियों के अलावा आपस में भी NDDC के रुपये में लेनदेन की मंजूरी होगी।
RBI ने एक बयान में कहा, ‘देश के भीतर रुपये में NDDC व्यवस्था के विकास और लोगों को जोखिम से बचाव के साथ वित्तीय कार्यक्रम बनाने में लचीलापन देने के लिए IBU का संचालन करने वाले बैंकों को घरेलू बाजार में निवासी ग्राहकों को रुपये में NDDC की पेशकश करने की मंजूरी देने का फैसला किया गया है।’
यह भी पढ़ें : Closing Bell: शेयर बाजार में तेजी जारी, सेंसेक्स 144 अंक चढ़ा, निफ्टी 17,600 पर
इन बैंकों को विदेशी लोगों के साथ एवं आपस में भी अपने NDDC लेनदेन के निपटान की छूट होगी। यह अनुबंध निपटान भारतीय रुपये या विदेशी मुद्रा में किया जा सकता है। वहीं भारतीय निवासियों के साथ सौदा निपटान अनिवार्य रूप से रुपये में ही किया जाएगा। RBI ने कहा कि इस व्यवस्था से संबंधित दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।