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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उसके नियमन के दायरे में आने वाली इकाइयों के लिये रेग्यलटॉरी प्रोसेस को सरल और सुगम बनाने के लिये पहल की है। इसके तहत पोर्टल ‘प्रवाह’ बनाने का निर्णय किया गया है।
चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि नियामकीय प्रक्रिया को आसान बनाने के मकसद से ‘प्रवाह’ (नियामकीय आवेदन के लिये मंजूरी और अधिकार पत्र देने का मंच) नाम से एक सुरक्षित वेब आधारित केंद्रीकृत पोर्टल विकसित करने का निर्णय किया गया है।
केंद्रीय बैंक के नियमन के दायरे में आने वाले कार्यों को करने के लिये विभिन्न संस्थानों को लाइसेंस/अधिकार पत्र प्राप्त करने की जरूरत होती है। साथ ही विनियमित संस्थाओं को समय-समय पर विभिन्न कानूनों/नियमों के तहत RBI से कुछ नियामकीय अनुमोदन प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। फिलहाल, इसके लिये आवेदन और मंजूरी प्रक्रियाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से होती है।
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उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में विभिन्न विनियमन के तहत वित्तीय क्षेत्र के नियामकों के लिये आवेदनों पर निर्णय लेने के लिये निर्धारित समयसीमा के भीतर अनुपालन को सरल, सुगम और लागत को कम करने की आवश्यकता की घोषणा की गई है।
दास ने कहा, ‘इसीलिए, ‘प्रवाह’ नाम से एक सुरक्षित वेब आधारित केंद्रीकृत पोर्टल विकसित करने का निर्णय किया गया है। यह धीरे-धीरे RBI को विभिन्न कार्यों के लिये दिये जाने वाले सभी प्रकार के आवेदनों पर लागू होगा।’