अर्थव्यवस्था

ई-कॉमर्स पॉलिसी, कंज्यूमर प्रोटेक्शन नियम लागू करने में देरी से रिटेल ट्रेड प्रभावित : CAIT

ई-कॉमर्स में जिस प्रकार का व्यापारिक माहौल बना हुआ है, उससे व्यापारी विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी का मुकाबला नहीं कर पाएंगे।’’

Published by
भाषा   
Last Updated- October 11, 2023 | 3:01 PM IST

व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने ई-कॉमर्स नीति तथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत नियमों को लागू करने में अत्यधिक देरी को लेकर निराशा व्यक्त की है। कैट ने इस बारे में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भी लिखा है।

कैट ने पत्र में कहा, ‘‘ नीति एवं नियमों का अभाव देश के खुदरा व्यापार के लिए धीमे जहर की तरह काम कर रहा है, क्योंकि इस स्थिति का फायदा उठाकर अमेजन तथा फ्लिपकार्ट जैसी विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपनी मनमानी करने का मौका मिल रहा है।  इससे देश के छोटे व्यापारी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।’’

कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने गोयल को लिखे पत्र में कहा, ‘‘ देश की अर्थव्यवस्था के प्रत्येक क्षेत्र के लिए नीति व नियम बने हुए हैं, लेकिन ई-कॉमर्स तथा खुदरा व्यापार के लिए कोई नीति व नियम न होने से इस क्षेत्र में अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। इसी कारण देशभर में व्यापारी चाहते हुए भी ई-कॉमर्स व्यापार से नहीं जुड़ रहे हैं। ई-कॉमर्स में जिस प्रकार का व्यापारिक माहौल बना हुआ है, उससे व्यापारी विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी का मुकाबला नहीं कर पाएंगे।’’

यह भी पढ़ें : Direct Tax Collection 22% बढ़कर 9.57 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा, बजट अनुमान का 52.5% रहा

उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि, पीयूष गोयल के नेतृत्व में डीपीआईआईटी (उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग) तथा उपभोक्ता मंत्रालय दोनों ने ई-कॉमर्स नीति व नियमों पर सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा की है, जिसके चलते गत दो अगस्त को हितधारकों के साथ हुई अंतिम बैठक में इन्हें जल्द घोषित करने का आश्वासन दिया गया था।’’

खंडेलवाल ने कहा, ‘‘ किंतु दो महीने का समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है और देशभर के व्यापारी नीति व नियमों की आस लगाए बैठे हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर अमेजन तथा फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां खुल कर एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) नीति का उल्लंघन कर रही हैं और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। इससे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एफएमसीजी, किराना आदि व्यापार से जुड़े लोग सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।’’

First Published : October 11, 2023 | 3:01 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)