अर्थव्यवस्था

S&P ने 2023-24 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 6 फीसदी पर रखा बरकरार

Published by
भाषा
Last Updated- March 27, 2023 | 11:16 PM IST

साख निर्धारण करने वाली एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने एक अप्रैल से शुरू हो रहे अगले वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को छह प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है। एजेंसी ने इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में बढ़कर 6.9 प्रतिशत पर पहुंचने की उम्मीद भी जताई।

एशिया-प्रशांत के लिए त्रैमासिक आर्थिक जानकारी को अद्यतन करते हुए एसएंडपी ने कहा कि मुद्रास्फीति दर चालू वित्त की 6.8 प्रतिशत से नरम होकर 2023-24 में पांच प्रतिशत पर होगी। वहीं, भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) चालू वित्त वर्ष (2022-23) में सात प्रतिशत की दर से बढ़ेगा लेकिन 2023-24 में यह कम होकर छह प्रतिशत पर आ जाएगा।

इसमें कहा गया, ‘‘2024-2026 में भारत की औसत वृद्धि दर सात प्रतिशत होगी।’’ इसके बाद, 2024-25 और 2025-26 में जीडीपी के 6.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, 2026-27 के लिए यह 7.1 प्रतिशत होगी।

रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘भारत में अर्थव्यवस्था को परंपरागत रूप से घरेलू मांग प्रभावित करती रही है। हालांकि बाद में यह वैश्विक चक्र के प्रति अधिक संवदेनशील हो गई, जिसकी एक वजह जिसों के निर्यात में वृद्धि है। अक्टूबर-दिसंबर 2022 में जीडीपी वृद्धि सालाना आधार पर धीमी पड़कर 4.4 प्रतिशत पर आ गई।’’

इसमें कहा गया, ‘‘भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति मार्च 2024 में खत्म होने वाले वित्त वर्ष में धीमी पड़कर पांच प्रतिशत रहनी चाहिए।’’ एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने एशिया-प्रशांत के लिए ‘‘सतर्कता के साथ सकारात्मक परिदृश्य’’ को कायम रखा और कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था इस वर्ष पुनरुद्धार की राह पर बढ़ रही है।

First Published : March 27, 2023 | 1:21 PM IST