अर्थव्यवस्था

स्थिर, मजबूत वित्तीय प्रणाली आर्थिक प्रगति के लिए आधार के रूप में कार्य करेगी: RBI गवर्नर

गवर्नर ने इस बात पर जोर दिया कि एक संस्था के रूप में रिजर्व बैंक का विकास भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है।

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भाषा   
Last Updated- April 01, 2024 | 1:37 PM IST

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बैंक का प्रयास अगले दशक में एक स्थिर और मजबूत वित्तीय प्रणाली प्रदान करना होगा, जो देश की आर्थिक प्रगति के लिए आधार के तौर पर काम करेगी।

आरबीआई के 90वें स्थापना दिवस (90th foundation day of RBI) के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में आरबीआई हमारे नागरिकों के कल्याण के लिए स्थिरता, लचीलापन तथा प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ जैसा कि हम ‘आरबीआई एट 100’ की ओर बढ़ रहे हैं, रिज़र्व बैंक एक स्थिर तथा मजबूत वित्तीय प्रणाली पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो हमारे देश की आर्थिक प्रगति के लिए आधार के तौर पर काम करेगी।’’

दास ने कहा कि रिज़र्व बैंक लगातार उभरते रुझानों का मूल्यांकन कर रहा है और बदलते समय के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए आवश्यक नीतिगत उपाय कर रहा है। केंद्रीय बैंक का प्रयास स्थितियों को भांपना और सक्रिय कदम उठाना है।

गवर्नर ने इस बात पर जोर दिया कि एक संस्था के रूप में रिजर्व बैंक का विकास भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम एक पूर्ण-सेवा केंद्रीय बैंक हैं, जिसके कार्य कई आयामों में फैले हुए हैं। हमारा प्रयास एक ऐसे वित्तीय क्षेत्र को बढ़ावा देना है जो मजबूत, लचीला और भविष्य के लिए तैयार हो।’’

संरचनात्मक सुधारों के बारे में उन्होंने कहा कि दिवाला व दिवालियापन संहिता के अधिनियमन और हाल के वर्षों में मुद्रास्फीति लक्ष्य को अपनाने से बैंकिंग प्रणाली में चुनौतियों से निपटने तथा मूल्य स्थिरता को अधिक प्रभावी ढंग से बनाए रखने में मदद मिली है।

First Published : April 1, 2024 | 1:37 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)