वैश्विक परिवारों की संपत्ति वर्ष 2021 में 9.8 फीसदी की दर से बढ़कर 463.6 खरब डॉलर पर पहुंच गई है। क्रेडिट सुइस ने अपनी ‘वैश्विक संपत्ति रिपोर्ट’ के नवीनतम अंक में कहा कि वर्ष 2020 में केंद्रीय बैंको की कम ब्याज के पक्ष में माहौल बनाने की नीतियों और व्यापक स्तर पर शेयर कीमतों में तेजी के कारण यह बढ़त देखने को मिली है। अध्ययन में कहा गया है कि प्रति वयस्क संपत्ति (वैश्विक स्तर पर) साल के अंत तक 8.4 फीसदी की दर से बढ़कर 87,489 डॉलर पर पहुंच गई।
करीब 200 देशों के 5.3 अरब वयस्कों की मौजूदा संपत्ति के आंकड़ो के आधार पर वैश्विक संपत्ति रिपोर्ट 2022 को तैयार किया गया है। क्रेडिट सुइस ने कहा भारत में परिवारों की संपत्ति सालाना आधार पर वर्ष 2021 में 12 फीसदी की दर से बढ़कर 14,225 अरब डॉलर पहुंच गई। वहीं दूसरी तरफ चीन में वर्ष 2021 में परिवारों की संपत्ति में सालाना आधार पर 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 85,107 अरब डॉलर पर पहुंच गई।
मगर क्रेडिट सुइस ने कहा विनिमय दर में बदलाव के कारण इन आंकड़ो में कमी दर्ज की गई। अगर विनिमय दर वर्ष 2020 के जैसी ही रहती तो क्रेडिट सुइस ने अनुमान जताया कि वर्ष 2021 में वैश्विक स्तर पर परिवारों की कुल संपत्ति में 12.7 फीसदी और प्रति वयस्क संपत्ति में 11.3 फीसदी की दर से इजाफा होता। क्रेडिट सुइस ने कहा, ‘हमारा पांच साल का अनुमान है कि संपत्ति में वृद्धि जारी रहेगी और 2026 तक वैश्विक संपत्ति बढ़कर 169 खरब डॉलर पर पहुंच जाएगी।’
क्रेडिट सुइस ने कहा कि सभी क्षेत्रों ने वैश्विक संपत्ति वृद्धि में योगदान दिया मगर इसमें उत्तरी अमेरिका और चीन का दबदबा रहा। वैश्विक संपत्ति वृद्धि में उत्तरी अमेरिका का आधे से कुछ अधिक तो वहीं चीन का एक तिहाई योगदान रहा। अफ्रीका, यूरोप, भारत और लैटिन अमेरिका ने सामूहिक तौर पर वैश्विक संपत्ति वृद्धि में 11.1 फीसदी का योगदान दिया। देश के आधार पर देखें तो वर्ष 2021 में परिवारों की संपत्ति वृद्धि में अमेरिका का सबसे अधिक योगदान रहा। उसके बाद चीन, कनाडा, भारत और ऑस्ट्रेलिया का स्थान है। संपत्ति का नुकसान कम आम था और लगभग हमेशा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मुद्रा मूल्यह्रास से जुड़ा था।
देशों के अंदर और दुनिया भर में औसत संपत्ति के विश्लेषण से पता चलता है कि उभरते बाजारों में तेजी से विकास के कारण इस सदी में वैश्विक संपत्ति असमानता में गिरावट आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस प्रकार औसत परिवार पिछले दो दशकों में धन का निर्माण करने में सक्षम रहा है।
प्रति वयस्क संपत्ति के मामले में स्विजरलैंड (6,96,600 डॉलर के साथ) अभी भी शीर्ष पर बना हुआ है। उसके बाद हॉन्ग कॉन्ग और ऑस्ट्रेलिया का स्थान है। औसत वयस्क संपत्ति के मामले में ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम और न्यूजीलैंड शीर्ष तीन देशों में शामिल है। 1,40,000 अति उच्च अमीरों के साथ अमेरिका इस श्रेणी में शीर्ष पर है। 32,710 अति उच्च अमीरों के साथ चीन दूसरे स्थान पर है।
क्रेडिट सुइस ने कहा कि अति उच्च अमीरों की संख्या में बहुत तेजी से विस्तार हुआ, जिससे 2021 में वैश्विक स्तर पर 21 फीसदी नए सदस्य जुड़ गए। अमेरिका में सबसे अधिक (30,470) नए अति उच्च अमीर बढ़े है।