पूर्व अफसरशाह सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार देश के नए निर्वाचन आयुक्त होंगे। निर्वाचन आयोग में आयुक्तों की दो रिक्तियों को भरने के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में दोनों पूर्व अफसरशाहों के नाम को अंतिम रूप दिया गया। सरकार द्वारा मनोनीत एक केंद्रीय मंत्री (गृह मंत्री अमित शाह) और लोक सभा में विपक्षी दल के नेता (अधीर रंजन चौधरी) समिति में सदस्य हैं।
चौधरी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि दो चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए समिति के समक्ष छह नाम आए और संधू तथा कुमार के पक्ष में उच्चाधिकार प्राप्त समिति के ज्यादातर सदस्यों ने फैसला किया।
उन्होंने कहा, ‘चयन समिति ने छह नाम प्रस्तुत किए थे। इनमें उत्पल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, ज्ञानेश कुमार, इंदीवर पांडे, सुखबीर सिंह संधू और गंगाधर राहत के नाम शामिल थे।
ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू का चयन निर्वाचन आयुक्त के रूप में किया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे इन लोगों की पृष्ठभूमि, अनुभव और ईमानदारी के बारे में जानकारी नहीं थी और मुझे प्रक्रियागत खामियां पसंद नहीं आईं, लेकिन नियुक्तियां की गईं।’
जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को जब निरस्त किया गया था तब कुमार गृह मंत्रालय में पदस्थापित थे। संधू उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1988 बैच के अधिकारी कुमार और संधू क्रमश: केरल व उत्तराखंड कैडर से हैं।