रूस के उप-प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने बुधवार को कहा कि वैश्विक तेल घाटा अब करीब 10 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) पर पहुंच गया है। पेट्रोलियम निर्यातक देशों और सहायक देशों (रूस समेत) के संगठन (ओपेक+) जुलाई तक 21 लाख बीपीडी तेल उत्पादन का अनुमान जता रहा है। ओपेक देशों की अगली बैठक 1 जून को होनी है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच किसी अप्रत्यक्ष बातचीत से प्रतिबंध हटने को बढ़ावा मिलता है तो ईरान द्वारा तेल उत्पादन में वृद्घि से ओपेक आपूर्ति में 10 से 20 लाख बीपीडी के बीच वृद्घि दर्ज की जा सकती है।
नोवाक ने बुधवार को पत्रकारों को बताया, ‘हमने ईरानी तेल की वापसी को हमेशा से ध्यान में रखा है।’ ईरान के सरकारी प्रवक्ता अली रेबेई ने कहा, ‘हमें इस पर विचार करने की जरूरत है। हम आपूत्रि और मांग संतुलन की गणना करेंगे।’ उन्होंने कहा कि वह यह उम्मीद कर रहे थे कि ईरान जल्द समझौते में सफल रहेगा, हालांकि ईरान के मुख्य वार्ताकार का कहना है कि इसे लेकर गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं।
कच्चे तेल की कीमतें बुधवार को 68.61 पर रहीं, जिससे पहले ईरानी तेलल की वापसी की उम्मीद में पिछले सप्ताह ये गिरकर 65 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गई थीं। कॉमर्जबैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा, ‘ओपेक+ द्वारा अपना उत्पादन मई से जुलाई तक बढ़ाए जाने की संभावना है।’ बैंक का कहना है कि भारत और अन्य देशों में कोरोनावायरस संक्रमण घट रहा है और आवाजाही पर प्रतिबंध दुनियाभर में हट रहा है।