सरकारी सख्ती से बढ़ा कार सुरक्षा पुर्जों में निवेश

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:42 PM IST

यात्रियों की सुरक्षा व महंगी कारों के लिए सरकार के प्रस्तावित कड़े कानूनों के मद्देनजर एयरबैग सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों के निर्माताओं ने निवेश करना शुरू कर दिया। इन निर्माताओं ने एयरबैग, एडवांस ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम्स (एडीएएस)और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईसीएस) तकनीकों को देश में ही विकसित करने की पहल भी शुरू कर दी है। 

आनंद ग्रुप की कंपनी जॉयसन आनंद अभिषेक सेफ्टी सिस्टम्स के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक महेंद्र एस. राजावत ने बताया कि कंपनी उत्पादन बढ़ाने व प्रौद्योगिकी के स्थानीयकरण के लिए करीब 250 करोड़ रुपए और शोध व विकास के लिए करीब 1000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। कंपनी एयरबैग, सीट बेल्ट, क्रैश सेंसर आदि बनाती है। राजावत ने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि नए नियम आने के बाद कारोबार वर्तमान समय से तीन गुना बढ़ जाएगा। दो एयरबैग की जगह छह एयरबैग लगने का मतबल होगा तीन गुना बढ़ोतरी।’

परामर्श देने वाली कंपनी एवलॉन कंसल्टिंग के कार्यकारी निदेशक शुभव्रत सेनगुप्ता के मुताबिक अभी राजस्व के मामले में एयरबैग का बाजार 35 करोड़ डॉलर है। यदि छह एयरबैग का नियम लागू हो जाता है तो यह बाजार उछलकर 100 करोड़ डॉलर पर पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंसर, ईसीयू आदि के आपूर्तिकर्ताओं के लिए बाजार 60 करोड़ डॉलर बढ़ जाने की उम्मीद है।

इसी महीने एक सड़क दुर्घटना में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्री सहित दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी और अन्य दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उसके बाद बिज़नेस स्टैँडर्ड के एक कार्यक्रम में भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि कार की पीछे वाली सीट पर सीट बेल्ट नहीं पहनने पर जुर्माना लगाया जाएगा।

सीट बेल्ट के नियम से कारोबार बढ़ने की ज्यादा उम्मीद नहीं है। इस बारे में सेनगुप्ता ने कहा, ‘कम कीमत वाली कई कारों में भी काफी समय से सीटबेल्ट हैं। इसमें ज्यादा कमाई की संभावना नहीं है। मगर जब एयरबैग का नियम लागू होगा तो सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरणों पर कई गुना प्रभाव पड़ेगा।

भूतल परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने इस साल जनवरी में एक मसौदे की अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना में यह अनिवार्य किया गया है कि कार निर्माता 1 अक्टूबर, 2022 से दोनों तरफ/टॉर्सो एयरबैग, बाहर की तरफ बैठे हुए प्रत्येक यात्री के लिए एक बैग, शीशे वाली तरफ दोनों तरफ/ट्यूब एयर बैग और आगे बैठे हरेक व्यक्ति के लिए एयरबैग होगा।

इसके जवाब में वाहन निर्माताओं ने सरकार से कहा है कि कारों में अतिरिक्त एयरबैग लगाने से दाम बढ़ जाएंगे। इससे पहली बार कार खरीद रहे लोगों के लिए कार बजट से बाहर हो जाएगी। उनकी दलील यह भी है कि अतिरिक्त एयर बैग लगाने से सड़क दुर्घटनाएं कम करने में मदद नहीं मिलेगी। राजावत ने कहा कि अतिरिक्त एयर बैग लगाने से कार की सुरक्षा से जुड़े उपकरणों की लागत बढ़ जाएगी। सेगमेंट के अनुसार प्रति कार कीमत 15,000-20,000 की जगह 30,000 से 40,000 रुपए बढ़ जाएगी।

First Published : September 11, 2022 | 9:58 PM IST