अगर आप मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं तो त्योहारों के दिन अच्छा मौका लेकर आए हैं। इस मौके का फायदा उठाकर आप सस्ता और अच्छा सौदा पक्का कर सकते हैं। दशहरा निकल चुका है और दीवाली आने वाली है। इन दोनों त्योहारों के दरम्यान आम तौर पर बिल्डर और रियल्टी डेवलपर कई तरह के आकर्षक ऑफर लेकर आते हैं।
वे स्टांप ड्यूटी की माफी, भुगतान की सहूलियत भरी योजना और दूसरे कई तोहफे देकर मकान खरीदारों को लुभाते हैं। यह साल भी कुछ अलग नहीं है, इसलिए समझदार ग्राहक इस समय अच्छा सौदा लपक सकते हैं।
हाउसिंग डॉट कॉम, प्रॉपटाइगर डॉट कॉम और मकान डॉट कॉम के समूह मुख्य वित्तीय अधिकारी विकास वधावन कहते हैं, ‘त्योहारी सीजन के दौरान डेवलपर जिस तरह की योजनाएं लाते हैं, उनसे ये ऑफर्स और भी आकर्षक बन जाते हैं।’
अगर ये ऑफर्स आपको भी बहुत आकर्षक लग रहे हैं तो सबसे पहले आपको खुद से एक अहम सवाल पूछना चाहिए – क्या वाकई आपको इस समय मकान की जरूरत है? होम फर्स्ट फाइनैंस कंपनी के मुख्य मार्केटिंग अधिकारी गौरव मोहता आगाह करते हैं, ‘ऑफर्स की चकाचौंध में बह मत जाइए। सबसे पहले देख लीजिए कि वाकई आपको मकान की जरूरत है या मकान खरीदने से आपकी कोई खास जरूरत पूरी हो रही है या नहीं।
आपको यह भी तय करना होगा कि खुद इस्तेमाल करना हो या निवेश का इरादा है मगर क्या आपको सचमुच मकान खरीदना है। मकान की वित्तीय जिम्मेदारी यानी मासिक किस्त लंबी चलती है और ऐसी जिम्मेदारी की शुरुआत बिना सोचे-समझे कभी नहीं करनी चाहिए। ऐसा तभी कीजिए, जब आपको सचमुच उसकी जरूरत हो।’
खर्च रखें कम से कम
कई डेवलपर मुफ्त की सौगात देते हैं, जिनमें सोने का सिक्का, कार या बाइक शामिल होती हैं। वे इसे ‘मुफ्त तोहफे’ का नाम देते हैं मगर क्या आपको पता है कि इन मुफ्त तोहफों की कीमत को वे मकान की कीमत में पहले ही जोड़ चुके होते हैं। अगर आपको उन तोहफों या सामान की जरूरत नहीं है तो उन्हें लेने से सीधे मना कर दीजिए। उनके बजाय बिल्डर से मकान की कीमत कम करने के लिए कहिए।
मिसाल के तौर पर आपके पास यदि पहले से बाइक है तो एक और बाइक लेकर घर में खड़ी करने की कोई तुक नहीं है। अगर बाइक के बदले डेवलपर आपके मकान या फ्लैट की कीमत में 50,000 से 75,000 रुपये कम करने को राजी हो जाए तो आपको फौरन मान जाना चाहिए क्योंकि इससे आपको मकान खरीदने पर कम पैसा खर्च करना पड़ेगा।
एनारॉक ग्रुप के वाइस चेयरमैन संतोष कुमार कहते हैं, ‘त्योहारी पेशकशों के जाल में फंसना या उनके लालच में आ जाना बहुत स्वाभाविक है मगर इससे आपको असल में कोई बचत नहीं होती। ऐसे ऑफर्स आपकी ऐसी हसरतें पूरी करते हैं, जिनका मकान से कोई ताल्लुक नहीं होता। मिसाल के लिए अगर आपको मुफ्त में छुट्टियों के दौरान सैर कराई जा रही है या कार दी जा रही है तो आपके मकान में कुछ नया या अनूठा नहीं जुड़ रहा है या आपके मकान की कीमत नहीं बढ़ रही है। इसलिए खरीदारों को ऐसे सभी फायदे छोड़कर मकान खरीद पर खर्च कम कराने की कोशिश करनी चाहिए।’
कुमार यह भी समझाते हैं कि अगर डेवलपर आपको मकान की कीमत में सीधे छूट दे रहा है या उसी तरह का कोई ऑफर दे रहा है तो यह सबसे अच्छा है क्योंकि सब कुछ सौदे के समय आपके सामने होता है और किसी भी तरह की गलतफहमी या धोखे की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
समझ लें भुगतान योजना
बिल्डर से भुगतान की आसान और नरम योजना पाने की कोशिश करें और यह भी समझ लें कि भविष्य में आपकी वित्तीय हालत पर इसका क्या और कैसा असर पड़ेगा। अगर खुद फैसला नहीं कर पा रहे हैं तो किसी विशेषज्ञ की राय ले लीजिए।
कुमार की राय है, ‘भुगतान योजना का नफा-नुकसान देखते समय पूरी तरह सतर्क रहें और केवल उन्हीं डेवलपरों के पास जाएं, जिनका पिछला रिकॉर्ड अच्छा रहा है। कुछ डेवलपरों की बेईमानी भरी गतिविधियों के कारण पहले ब्याज माफी या छूट की योजनाओं पर प्रतिबंध लगाया गया था। मकान खरीदने जा रहे लोगों को उस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए और ऐसी योजनाओं को अच्छी तरह परख लेना चाहिए।’
ब्याज दर है अहम
अक्सर डेवलपर ऋणदाताओं के पास जाते हैं, होम फाइनैंसिंग यानी आवास ऋण के लिए अपनी परियोजना को मंजूरी दिलाते हैं और प्रोसेसिंग शुल्क के बगैर होम लोन दिलाने की बात कहते हैं। ऐसे सौदे आपके सामने हों तो सबसे पहले देख लीजिए कि ब्याज दर कितनी मांगी जा रही है। प्रोसेसिंग शुल्क एक बार ही देना होता है और ब्याज कर्ज की पूरी अवधि में चुकाना होता है। इसलिए केवल एक बार का शुल्क बचाने के लिए उम्र भर अधिक ब्याज चुकाने के लिए राजी मत हो जाइए। ब्याज दर चंद आधार अंक ज्यादा हुई तो भी आपको कर्ज पूरा होने तक ज्यादा ब्याज ही चुकाना पड़ेगा।
इनका भी रखें ध्यान
छूट, रियायत या तोहफे आपकी खरीद को ज्यादा आकर्षक तो बना सकते हैं मगर इनके फेर में फंसकर कुछ बुनियादी बातों को नजरअंदाज मत कर दीजिएगा। वधावन समझाते हैं, ‘सबसे पहले देखना चाहिए कि मकान किस इलाके में है, वहां निर्माण कितना अच्छा किया जा रहा है, सुविधाएं किस तरह की हैं, बिल्डर ने पिछली परियोजनाएं समय पर पूरी की हैं या नहीं, परियोजना को सभी प्रकार की मंजूरी मिली हैं या नहीं और कर्ज कहां से कितनी ब्याज दर पर मिल रहा है।’
आसपास का बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी भी काफी जरूरी है। कुमार समझाते हैं, ‘ऑफर जो भी मिलें, उनके साथ यह जरूर देख लीजिए कि परियोजना में और उसके आसपास माहौल कैसा है, बुनियादी ढांचा कैसा है और शहर के दूसरे प्रमुख इलाकों के साथ कनेक्टिविटी कैसी है।
साथ ही जब भी नई परियोजना में मकान खरीदें तो शेयर बाजार में सूचीबद्ध या अग्रणी डेवलपर को ही चुनने की कोशिश कीजिए, चाहे उसके लिए आपको उसी जगह परियोजना तैयार कर रहे छोटे डेवलपर के मुकाबले अधिक कीमत ही क्यों न चुकानी पड़े। इससे आपको यह भरोसा तो रहेगा कि परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी और निर्माण की गुणवत्ता भी बेहतर रहेगी।’