नए ऊर्जा वर्टिकल में अपने प्रमुख व्यवसायों और वृद्घि के वाहकों के लिए अनुकूल परिदृश्य के साथ मजबूत चौथी तिमाही से भारत की बेहद मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को अपने शेयर और मूल्यांकन की शानदार रफ्तार बनाए रखने में मदद मिलने की संभावना है। यह शेयर पिछले साल अगस्त के बाद से 29 प्रतिशत की तेजी के साथ शानदार प्रदर्शक रहा है, जबकि सेंसेक्स का प्रतिफल इस अवधि में 4 प्रतिशत रहा है।
उत्साह का कारण भविष्य में शानदार आय वृद्घि की उम्मीद है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के प्रबाल सेन और संजेश जैन का मानना है कि कंपनी वित्त वर्ष 2022-24 के दौरान ऑयल-टु-केमिकल (ओ2सी) मार्जिन परिवेश, डिजिटल सेवाओं तथा रिटेल सेगमेंट में शानदार तेजी की मदद से 29 प्रतिशत की सालाना आय वृद्घि दर्ज करेगी। उनका कहना है कि गीगा फैक्टरीज से संबंधित ग्रीन एनर्जी में बड़े बदलावों और 4-5 साल की सुस्ती के बाद अपस्ट्रीम सेगमेंट में तेजी को देखते हुए अगले 24-36 महीनों में मजबूत वृद्घि की संभावना दिख रही है।
ओ2सी सेगमेंट में, जहां रिफाइनिंग व्यवसाय में एशियाई बेंचमार्क के सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) में ऐतिहासिक स्तरों के मुकाबले अच्छी तेज आने की संभावना है, वहीं पेट्रो रसायन व्यवसाय का मुनाफा प्रभावित हो सकता है। इसका असर मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजों में भी दिखा था। सेगमेंट के परिचालन लाभ (ओ2सी) करीब 25 प्रतिशत तक सुधरा और इसे ऊंचे ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक से मदद मिली। ओ2सी सेगमेंट का कंपनी के समेकित परिचालन लाभ में 45 प्रतिशत और मुनाफे में करीब 70 प्रतिशत योगदान है।
एडलवाइस रिसर्च के जय ईरानी और इकबाल खान ने इस शेयर को खरीदारी की रेटिंग दी है और अपने आय एवं कीमत लक्ष्य अनुमान बढ़ा दिया हैं। उनका कहना है, ‘हम मजबूत ओ2सी परिदृश्य के बीच वित्त वर्ष 2023-24 के ओ2सी परिचालन लाभ के लिए अनुमान 26 प्रतिशत और 23 प्रतिशत तक बढ़ा रहे हैं और इसके लिए लक्ष्य भी वित्त वर्ष 2023 के 9.5 गुना अनुमानों से 12.5 गुना कर दिया है।’
हालांकि पेट्रो रसायन मार्जिन पर दबाव ने जेफरीज को कंपनी के वित्त वर्ष 2023/24 के परिचालन लाभ में कटौती के लिए प्रोत्साहित किया है। कंपनी के भास्कर चक्रवर्ती और प्रतीक चौधरी का कहना है, ‘हमने वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2024 के लिए ओ2सी परिचालन लाभ अनुमान 11 प्रतिशत और 12 प्रतिशत तक घटा दिया है। चीन से सुस्त मांग की वजह से चालू वित्त वर्ष में पेट्रो रसायन मार्जिन में कमजोरी को देखते हुए ये अनुमान घटाए गए हैं। सितंबर तक मजबूत जीआरएम सामान्य हो सकता है और इससे पेट्रोरसायन की कमजोरी दूर नहीं होगी।’
दूरसंचार और रिटेल के उपभोक्ता व्यवसायों पर ब्रोकरों का सकारात्मक नजरिया है, हालांकि मार्च तिमाही के नतीजे मिश्रित रहे। दूरसंचार व्यवसाय में, कंपनी की तिमाही आधार पर 8 प्रतिशत वृद्घि को एआरपीयू में 10.5 प्रतिशत की वृद्घि से बढ़ावा मिला। यह एआरपीयू बढ़कर 167.6 रुपये हो गया। एआरपीयू में वृद्घि दरों में बढ़ोतरी और सुधरते ग्राहक मिश्रण के समावेश की वजह से संभव हुई थी।
हालांकि इसके लिए वृद्घि का असर शुद्घ ग्राहकों में लगातार तीसरी तिमाही में आई गिरावट से काफी हद तक समाप्त हो गया। उसका ग्राहक आधार एक साल पहले के मुकाबले करीब 3-4 प्रतिशत गिर गया। विश्लेषकों का मानना है कि ग्राहक आधार में नुकसान अस्थायी है और इसमें भविष्य में बदलाव आएगा, क्योंकि वोडाफोन आइडिया में ग्राहकों के संदर्भ में आ रहे बदलाव से बाजार दिग्गजों को मदद मिलेगी। हालांकि कंपनी ने संकेत दिया है कि सिम कंसोलिडेशन का ट्रेंड घट रहा है, लेकिन क्या यह चलन दर वृद्घि के प्रभाव/स्वीकार्यता के आकलन में महत्वपूर्ण होगा।
मोतीलाल ओसवाल रिसर्च का मानना है कि इस वर्टिकल के लिए राजस्व और परिचालन लाभ वायरलाइन सेगमेंटों पर ध्यान केंद्रित किए जाने के अलावा डिजिटल विकल्पों, दर वृद्घि आदि की मदद से वित्त वर्ष 2022-24 के दौरान सालाना 15-20 प्रतिशत तक बढ़ेगा।
बड़ी निराशा रिटेल मोर्चे पर मिली। 16 प्रतिशत की परिचालन लाभ वृद्घि अनुमान के मुकाबले धीमी थी, क्योंकि राजस्व वृद्घि 23 प्रतिशत थी। भले ही स्टोर खोलने का सिलसिला बना हुआ है, लेकिन तिमाही के शुरुआती हिस्से के दौरान कंपनी का प्रदर्शन ओमीक्रोन की वजह से प्रभावित हुआ, क्योंकि ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। हालांकि तिमाही के अंत में कई मायनों में स्थिति कोविड से पहले जैसी हो चुकी है। एडलवाइस रिसर्च का मानना है कि परिचालन दक्षता में सुधार लाने की जरूरत होगी क्योंकि परिचालन मुनाफा मार्जिन तिमाही आधार के लिहाज से 7 प्रतिशत पर सपाट बना
हुआ है। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के अनुसार, सभी सेगमेंटों में स्टोर खुलने से मदद, डिजिटल और नए कॉमर्स में प्रवेश के साथ साथ महामारी को लेकर हालात में सुधार, व्यवसाय के लिए राजस्व और परिचालन लाभ वृद्घि 36-50 प्रतिशत रहने की संभावना है।